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18 से 20 अप्रैल तक उत्तराखंड में मौसम बिगड़ने के आसार, आपदा प्रबंधन सतर्क

देहरादून | उत्तराखंड राज्य में आने वाले दिनों में संभावित अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और झोंकेदार हवाओं को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निदेशक, मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 17 अप्रैल को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 18 से 20 अप्रैल के बीच प्रदेश के अधिकांश जिलों में अप्रत्याशित और खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।

किन जिलों में और कब-कब रहेगा प्रभाव?

18 अप्रैल 2025

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून और पौड़ी जिलों में गर्जन, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना।

19 अप्रैल 2025

देहरादून, पौड़ी, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में गर्जन, बिजली, ओलावृष्टि और 50-70 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं। साथ ही उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी गर्जन व ओलावृष्टि की संभावना।

20 अप्रैल 2025

प्रदेश के 13 जिलों में – उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाएं संभावित हैं।

जिलाधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश:

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सभी जिलों को निम्न निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है:

  1. तत्परता बनाए रखें, विशेष रूप से आवागमन पर नियंत्रण रखें।
  2. किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्रवाई और सूचना का तत्काल आदान-प्रदान हो।
  3. IRS प्रणाली के समस्त नामित अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहें।
  4. NH, PWD, BRO, PMGSY आदि एजेंसियां बाधित सड़कों को तत्काल खोलने की व्यवस्था करें।
  5. राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने क्षेत्रों में बने रहें।
  6. सभी थाने/चौकियां हाई अलर्ट पर रहें और उपकरणों से लैस रहें।
  7. किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का मोबाइल फोन स्विच ऑफ न रहे।
  8. अधिकारी अपने वाहनों में बरसाती, छाता, हेलमेट, टॉर्च व अन्य जरूरी उपकरण रखें।
  9. जरूरत पड़ने पर फंसे हुए लोगों के लिए खाद्य व चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
  10. विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए।
  11. पर्यटकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने की अनुमति न दी जाए।
  12. जिला सूचना अधिकारी इस सूचना को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाएं।
  13. भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पहले से ही उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनता से अपील की है कि इस अवधि में अनावश्यक घर से बाहर न निकलें और मौसम से संबंधित किसी भी आपात सूचना के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।


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