वरिष्ठ नागरिकों के लिए CGHS दरों पर उपचार और गोल्डन कार्ड को अलग करने पर चर्चा

हल्द्वानी, 12 अगस्त। वरिष्ठ नागरिक जनकल्याण समिति (रजि) हल्द्वानी के तत्वावधान में आज पंडित गोविंद बल्लभ पंत पुस्तकालय भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बुलाई गई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी के निजी अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाना था।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री भुवन भास्कर पांडे जी ने की, जबकि महामंत्री श्री डी. के. पांडे जी ने इसका संचालन किया। बैठक में सरकार के प्रतिनिधि के रूप में माननीय दर्जा राज्य मंत्री श्री नवीन वर्मा, जो वरिष्ठ नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष भी हैं, और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता खर्कवाल जी उपस्थित रहीं। इस दौरान हल्द्वानी के विभिन्न निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक के प्रमुख निर्णय:
CGHS दरों पर OPD उपचार: बैठक में शासनादेश संख्या 1256 दिनांक 25.11.2021 के अनुसार गोल्डन कार्ड धारकों को ओपीडी में सीजीएचएस की दरों पर उपचार उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई। साईं हॉस्पिटल, चंदन हॉस्पिटल, बृजलाल हॉस्पिटल, दृष्टि आई हॉस्पिटल और वेदांत चिकित्सालय ने इस पर तत्काल सहमति व्यक्त की। साथ ही, इन अस्पतालों ने आयुष्मान और वयवंदन कार्ड धारकों को भी शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अनुरोध किया गया कि वे अन्य निजी अस्पतालों में भी उक्त दरों को लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करें, जिस पर उन्होंने अपनी सहमति दी।
सुविधाओं का डिस्प्ले बोर्ड: उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी चिकित्सालयों को यह निर्देश दिया कि वे अपने मुख्य द्वार पर एक बोर्ड लगाकर गोल्डन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और वयवंदन कार्ड के तहत दी जाने वाली सभी सुविधाओं का विवरण प्रदर्शित करें।
गोल्डन और आयुष्मान कार्ड को अलग करने की मांग: बैठक में यह बात सामने आई कि दोनों कार्डों को एक ही पोर्टल में मिलाने से गोल्डन कार्ड धारकों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है, जबकि उनकी पेंशन से अंशदान की नियमित कटौती होती है। इस समस्या को देखते हुए, यह निर्णय लिया गया कि गोल्डन कार्ड और आयुष्मान कार्ड को अलग-अलग संचालित किया जाए और उनका लेखा-जोखा भी अलग रखा जाए। इस संबंध में माननीय दर्जा राज्य मंत्री श्री नवीन वर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री और शासन को एक पत्र भेजा जाएगा।
बैठक के अंत में, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदया से इस बैठक की कार्यवृत्त जारी करने का अनुरोध किया गया, जिस पर उन्होंने अपनी सहमति दी। यह बैठक वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में अस्पतालों के प्रतिनिधि: चंदन हॉस्पिटल, नीलकंठ हॉस्पिटल, दृष्टि हॉस्पिटल, अग्रवाल नर्सिंग होम, वेदांता आई हॉस्पिटल, साईं हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल, बृजलाल हॉस्पिटल, सिद्धिविनायक हॉस्पिटल, मैट्रिक्स हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल, रावल मैटरनिटी सेंटर, सुभानु हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, आई विजन हॉस्पिटलके प्रतिनिधि के साथ पेंशनर्स समन्वय समिति के मुख्य संयोजक श्री नवीन चंद्र कांडपाल, पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री लीलाधर पांडे, श्री रमेश पांडे, श्री विजय तिवारी, वरिष्ठ नागरिक जनकल्याण समिति के श्री राजेंद्र सिंह एरी, श्री पद्मादत्त पांडे, सुधीर पांडे, शंकर दत्त तिवारी, डी.के बलूटिया, पीसी जन्तवाल, दिनेश चंद पन्तोला, एम सी बुडलाकोटी, प्रोफेसर शिवदत्त तिवारी, रेo एचपी जोसेफ, श्री हरिश्चंद्र जोशी, आनंद सिंह भाकुनी, श्रीमती नीरू धवन, सुशील कुमार अग्रवाल, ललित मोहन लोहनी, एलपी पन्त, कन्हैया लाल स्नेही, पानगिरी गोस्वामी, जीएस चड्ढा, एनबी गुणवंत, बीडी जोशी, गोपाल चंद्र जोशी, मनीष चंद्र, एस के श्रीवास्तव, उमेश चंद्र पांडे, श्री कृष्ण पालीवाल, गणेश चंद्र पंत, कस्तुभानंद तिवारी आदि लोग उपस्थिति रहे।
