देहरादून में करोड़ों की धोखाधड़ी: सरकारी स्कूल का शिक्षक गिरफ्तार
देहरादून पुलिस ने लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में एक सरकारी स्कूल के अध्यापक को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर भोले-भाले लोगों से निवेश कराकर यह धोखाधड़ी की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने बताया कि नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के निवासियों ने एक निजी फाइनेंस कंपनी संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संचालक ने उच्च ब्याज दर का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये जमा कराए और फिर दफ्तर में ताला लगाकर फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने 2 अक्टूबर को स्वयं शिकायतकर्ता बनकर चौकी प्रभारी बाइपास प्रवीण पुंडीर की तहरीर पर नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया।
जांच के दौरान, जगमोहन सिंह चौहान (निवासी सटेन, गजा, टिहरी गढ़वाल, वर्तमान निवासी सरस्वती विहार, नेहरू कॉलोनी), जो सहसपुर ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं, को कंपनी का फाउंडर मेंबर और उनकी पत्नी नीलम चौहान को डायरेक्टर पाया गया।
पुलिस टीम ने मंगलवार रात को आरोपित जगमोहन सिंह चौहान को नेहरू कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है।
आरोपित जगमोहन सिंह चौहान और उसकी पत्नी लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर अपनी ‘माइक्रो फाइनेंस इंडिया एसोसिएशन कंपनी’ में खाता खोलने और निवेश करने के लिए फंसाते थे। लोग उनकी कंपनी में अपनी आरडी (RD), एफडी (FD), और डीडीएस (DDS) जैसे खाते खोलते थे। पुलिस ने कंपनी से संबंधित सभी बैंक खातों को सीज कर दिया है।
SSP अजय सिंह ने निवेशकों से अपील की है कि वे मुनाफे के लालच में आकर छोटी-मोटी कंपनियों में निवेश करने से पहले, उस कंपनी का सही प्रकार से सत्यापन करें और जांच-परख करने के बाद ही अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरादून पुलिस ऐसी कंपनियों के संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी, जो आमजन की कमाई को धोखाधड़ी कर हड़पने का प्रयास करते हैं।
