देवभूमि जन हुंकार, रामनगर / नैनीताल: देश और प्रदेश में लगातार बेलगाम हो रही महंगाई के खिलाफ आम जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने लगा है। नैनीताल जनपद के रामनगर में आज महिला एकता मंच के बैनर तले महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जोरदार हुंकार भरी। रामनगर के लखनपुर चौक पर एक विशाल सभा का आयोजन किया गया, जिसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने शहर में एक रोषपूर्ण जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों को तत्काल कम करने की पुरजोर मांग की।
“बुनियादी वस्तुएँ आम आदमी की पहुँच से बाहर होती जा रही हैं”
प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते आज देश में आटा, दाल, चावल, खाद्य तेल और रसोई गैस जैसी बुनियादी वस्तुएँ आम आदमी की क्रय शक्ति से पूरी तरह बाहर होती जा रही हैं।
सभा का संचालन करते हुए ललिता रावत ने आंकड़े रखते हुए कहा कि देश में बेकाबू महंगाई ने आम आदमी और विशेषकर गृहणियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने बताया कि खुले बाजार में चीनी के दाम 40 रुपये से बढ़कर 60-70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं, सरसों का तेल 200 रुपये के पार बिक रहा है, और रसोई गैस 1,000 रुपये प्रति सिलेंडर से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा डीजल और पेट्रोल की बेतहाशा बढ़ोतरी ने रोजमर्रा की हर जरूरत को महंगा कर दिया है, जिसका सबसे बुरा असर महिलाओं की रसोई और उनके घर-परिवार के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
कॉर्पोरेट घरानों को छूट और जनता पर मार
सभा को संबोधित करते हुए कौशल्या ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों और बहुराष्ट्रीय निगमों को खुली छूट दी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवनरक्षक दवाइयाँ और जनता की अन्य जरूरी चीजें लगातार आसमान छू रही हैं।
वहीं समाजवादी लोक मंच के नेता जगमोहन रावत ने सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज सरकार की प्राथमिकता देशवासियों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना नहीं, बल्कि विदेशी व्यापार घाटे को पाटने के लिए डॉलर जुटाना रह गया है। सरकार की त्रुटिपूर्ण नीतियों के कारण देश आत्मनिर्भर विकास के मार्ग से भटककर अपनी अधिकांश आवश्यकताओं के लिए विदेशी ताकतों और आयात पर निर्भर होता जा रहा है। उन्होंने पुरजोर मांग की कि देश में उत्पादन यहाँ की जनता की प्राथमिक जरूरतों को केंद्र में रखकर होना चाहिए।
विभिन्न संगठनों और वक्ताओं की रही व्यापक उपस्थिति
इस विरोध प्रदर्शन और विशाल सभा को सफल बनाने में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के नेताओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से गिरीश चंद्र आर्य,महिला एकता मंच की सरस्वती जोशी, पुष्पा चंदोला, विद्यावती शाह और कमला देवी,प्रगतिशील एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल,परिवर्तन पार्टी की किरन आर्य,संयुक्त संघर्ष समिति के ललित उप्रेती,किसान संघर्ष समिति के महेश जोशी शामिल रहे।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही महंगाई पर लगाम कसते हुए जरूरी चीजों के दाम कम नहीं किए, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।
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