छह साल से निष्क्रिय 11 राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग का कारण बताओ नोटिस, पंजीकरण रद्द होने की तैयारी
देहरादून। उत्तराखंड में पिछले छह वर्षों से कोई भी चुनाव न लड़ने वाले 11 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने इन दलों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला, तो इनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
इससे पहले, भौतिक सत्यापन के दौरान राज्य के छह राजनीतिक दलों के कार्यालयों का कोई पता नहीं मिलने पर आयोग ने उनका पंजीकरण रद्द कर दिया था। इनमें भारतीय जनक्रांति पार्टी (देहरादून), हमारी जनमंच पार्टी (देहरादून), मैदानी क्रांति दल (देहरादून), प्रजामंडल पार्टी (पौड़ी), राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी (हरिद्वार) और राष्ट्रीय जन सहाय दल (देहरादून) शामिल हैं।
2019 से अब तक चुनाव में भाग नहीं लिया
दूसरे चरण में, आयोग ने उन 11 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने वर्ष 2019 से अब तक एक भी चुनाव में भाग नहीं लिया है। इन दलों को 27 अगस्त 2025 तक अपना जवाब देने का समय दिया गया है। तय समय सीमा में उचित कारण न बताने पर इनका पंजीकरण भी रद्द कर दिया जाएगा।
नोटिस पाने वाले दलों की सूची
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भारत कौमी दल – ग्राम लाठरदेवा हुण, पोस्ट झबरेड़ा, हरिद्वार
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भारत परिवार पार्टी – भारत हृदय आश्रम, मोहल्ला करछा, ज्वालापुर
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भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी – भगत सिंह कॉलोनी, देहरादून
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भारतीय सम्राट सुभाष सेना – ग्राम अजीतपुर, पोस्ट कनखल, हरिद्वार
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भारतीय अंतोदय पार्टी – इंदिरा गांधी मार्ग, निरंजनपुर, देहरादून
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भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी – एकता विहार, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून
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गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट – शाही निवास, चन्द्रबनी, मोहब्बेवाला, देहरादून
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पीपल्स पार्टी – ए-23, सुभाष नगर, रुड़की
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प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया – मकान नंबर 33, मोहल्ला बम्बघेरा, रामनगर
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सुराज सेवा दल – ग्राम रमडी जसुआ, हल्द्वानी
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उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी – सुशीला बर्थवाल निवास, देहरादून
चुनाव आयोग का कहना है कि पंजीकृत दलों का चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रहना अनिवार्य है। निष्क्रिय रहने और पते पर अस्तित्व न होने की स्थिति में उनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा, ताकि चुनावी व्यवस्था पारदर्शी और सशक्त बनी रहे।
