उत्तराखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड ई-केवाईसी को लेकर राहत
देहरादून। उत्तराखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी को लेकर बड़ी राहत मिली है। 15 दिसंबर को निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद सरकार ने फिलहाल ई-केवाईसी प्रक्रिया बंद न करने का निर्णय लिया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाई है, वे आगे भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। नई अंतिम तिथि की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
यह भी पढ़ें 👉नैनीताल हाईकोर्ट बार चुनाव: डीसीएस रावत अध्यक्ष, सौरभ अधिकारी बने महासचिव
विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 60 लाख 70 हजार राशन कार्ड यूनिटें पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक लगभग 48 लाख यूनिटों की आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि शेष लाभार्थियों को देखते हुए विभाग ने समय बढ़ाने का फैसला लिया है। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र उपभोक्ता सरकारी सस्ते राशन की योजना से वंचित न रहे।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत सभी राशन कार्डधारकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। इसके लिए 15 दिसंबर की अंतिम तिथि तय की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों और अन्य समस्याओं के चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ता समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके।
यह भी पढ़ें 👉खुर्पाताल में राज्य आंदोलनकारियों की बैठक, समस्याओं के समाधान पर बनी रणनीति
उन्होंने बताया कि अंतिम दिनों में ई-केवाईसी केंद्रों पर भारी भीड़ देखने को मिली। केवल 15 दिसंबर को ही एक दिन में 1 लाख 85 हजार 38 राशन कार्ड यूनिटों की ई-केवाईसी की गई, जो उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करा लें, ताकि भविष्य में राशन वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नई अंतिम तिथि घोषित होने पर इसकी जानकारी विभाग द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी।
