बागजाला में सड़क, पानी और सुरक्षा को लेकर गरजे ग्रामी
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बागजाला में सड़क, पानी और सुरक्षा को लेकर गरजे ग्रामीण, किसान महासभा ने दी आंदोलन की चेतावनी

नैनीताल | बागजाला: बागजाला गांव में बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर सामने आया है। अखिल भारतीय किसान महासभा की बैठक गांव के धरना स्थल पर आयोजित हुई, जहां अधूरे सड़क निर्माण, पेयजल योजना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराज़गी जताई गई।

बैठक में मांग उठाई गई कि बागजाला में शुरू हुआ सड़क निर्माण कार्य तत्काल पूरा किया जाए, सड़क का डामरीकरण किया जाए और लंबे समय से अधूरी पड़ी पेयजल योजना को तुरंत चालू किया जाए। इसके साथ ही वादे के अनुसार घरों के निर्माण की अनुमति देने की भी मांग की गई।

ग्रामीणों ने रात के समय महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि गांव की कई सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं। ऐसे में जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है, इसलिए सड़कों के किनारे सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने की मांग जोर-शोर से उठी।

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि किसान महासभा के नेतृत्व में बागजाला वासियों ने पहले एक ऐतिहासिक आंदोलन किया था, जिसके दबाव में प्रशासन को मांगें माननी पड़ी थीं। लेकिन अब सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद रोक दिया गया है।

डॉ. कैलाश पाण्डेय ने चेतावनी देते हुए कहा,

“यदि शासन-प्रशासन ने वादाखिलाफी की, तो बागजाला में फिर से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।”

बागजाला किसान महासभा की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला रैसवाल ने कहा कि स्ट्रीट लाइट न होने के कारण रात में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि गांव में सुरक्षा के लिहाज से सोलर लाइट लगाना बेहद जरूरी है और यह काम तुरंत शुरू होना चाहिए।

बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि बागजाला के लोग अब बुनियादी सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।

बैठक में डॉ. कैलाश पाण्डेय, डॉ. उर्मिला रैसवाल, वेद प्रकाश, मीना भट्ट, प्रेम सिंह नयाल, हेमा देवी, विमला देवी, दीवान सिंह बरगली सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।


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