देवभूमि जन हुंकार, हरिद्वार / रुड़की / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार से महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर एक बेहद संवेदनशील, चौंकाने वाला और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार जनपद के ज्वालापुर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला पुलिसकर्मी (कांस्टेबल) आरती यादव ने अपने ही पति और ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, शारीरिक मारपीट और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने के अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा अपने घर के भीतर इस तरह की प्रताड़ना झेलने और न्याय के लिए थाने की शरण लेने की इस घटना ने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है।
सहारनपुर में हुई थी शादी, कार और 8 लाख नकद देने के बावजूद जारी थी प्रताड़ना
पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र के सराय निवासी आरती यादव वर्तमान में पुलिस विभाग में सेवारत हैं। उनकी शादी गत 29 नवंबर 2023 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांगलहेड़ी क्षेत्र स्थित चौरादेव निवासी प्रवेश यादव के साथ पूरे हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी।
आरती के मुताबिक, उनके परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में एक कार खरीदने के लिए आठ लाख रुपये नकद सहित भारी मात्रा में दान-दहेज दिया था। इसके बावजूद पति प्रवेश यादव और ससुराल के अन्य सदस्य इस से संतुष्ट नहीं हुए और शादी के कुछ समय बाद से ही छोटी-छोटी बातों पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
बेटी के जन्म के बाद बढ़ा उत्पीड़न, रुड़की में किराए के कमरे पर किया जानलेवा हमला
घटनाक्रम के अनुसार, उस वक्त आरती की तैनाती कोटद्वार में थी। ससुराल जाने पर उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार किया जाता रहा। जब उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया, तो ससुरालियों द्वारा उन्हें ताने दिए जाने का सिलसिला और अधिक बढ़ गया।
छह महीने के मातृत्व अवकाश के दौरान जब वह ससुराल में थीं, तब पति शराब के नशे में धुत होकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। यहाँ तक कि बेटी के पालन-पोषण का खर्च भी आरती ने खुद ही उठाया। लगातार बढ़ रहे विवादों से तंग आकर उन्होंने पहले महिला हेल्पलाइन में गुहार लगाई थी, लेकिन पारिवारिक स्तर पर समझौते की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं।
इसके बाद, गृहस्थी बचाने की आखिरी उम्मीद के साथ उन्होंने अपनी तैनाती कोटद्वार से हरिद्वार करा ली और रुड़की में एक किराए का कमरा लेकर पति के साथ रहने लगीं। लेकिन रुड़की आने के बाद भी पति के दरिंदों जैसे रवैये में कोई सुधार नहीं आया। आरोप है कि पति ने उनके बैग से सारे जेवर निकालकर अपनी माँ और भाई को दे दिए। ननद द्वारा फोन पर लगातार गालियाँ दी गईं, और पति ने उनकी नौकरी छुड़वाने तथा उनके भाई के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी।
गला दबाकर मारने का प्रयास, डायल 112 पर कॉल कर बचाई जान
हद तो तब हो गई जब एक दिन घरेलू विवाद के दौरान पति ने आपा खो दिया और आरती को घर से बाहर निकालने के साथ ही उनका गला दबाकर उनकी हत्या करने की कोशिश की। जब उनका दम घुटने लगा और किसी तरह सांस सामान्य हुई, तो उन्होंने बिना देर किए तुरंत डायल 112 पर कॉल करके पुलिस से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एक्शन लिया। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता आरती यादव की तहरीर के आधार पर पति प्रवेश यादव, सास कुसुम देवी, ननद महिमा देवी, नंदोई गौरव और देवर शरद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की कोशिश (तथा अन्य सुसंगत धाराओं) में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जाँच की जा रही है, और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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