डायट बागेश्वर में गणित कार्यशाला का तीसरा दिन, शिक्षकों ने सीखी नई गतिविधि आधारित तकनीकें
संवाददाता सीमा खेतवाल

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में गणित लैब गतिविधि विकास आधारित पांच दिवसीय कार्यशाला (20 से 24 नवंबर 2025) का तीसरा दिवस शनिवार, 22 नवंबर को आयोजित किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए 50 एलटी और सहायक अध्यापक भाग ले रहे हैं। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गणित शिक्षण को गतिविधि आधारित, रोचक और सहज बनाना है।
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कार्यक्रम के तीसरे दिन का शुभारंभ एनसीईआरटी के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार राजपूत ने किया। उन्होंने गणित शिक्षण को अधिक प्रभावी, व्यवहारिक और आनंददायक बनाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 तथा पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अंतर्गत दक्षता आधारित शिक्षा के कार्यान्वयन पर भी मार्गदर्शन दिया।
डॉ. राजपूत ने Four Block Approach—Maths Talk, Skill Teaching, Skill Practice और Maths Games—के माध्यम से बच्चों में अवधारणात्मक समझ विकसित करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने शिक्षकों के साथ दो मनोरंजक गतिविधियाँ और गणितीय खेल भी करवाए, ताकि अध्यापक इन्हें कक्षा में लागू कर विद्यार्थियों के लिए गणित सीखना आनंददायक बना सकें।
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इसी दौरान डायट प्राचार्य चक्षुष्पति अवस्थी ने विद्यार्थियों में परीक्षा के तनाव को कम करने संबंधी एक प्रेरक सम्बोधन साझा किया। उन्होंने निर्देश दिया कि इसे सभी शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों की प्रार्थना सभा में पढ़ें, ताकि छात्रों को मानसिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम के समन्वयक बी.डी. पांडे ने बताया कि प्रशिक्षु शिक्षकों द्वारा डॉ. राजपूत से नए पाठ्यक्रम में अध्ययन सामग्री कम किए जाने के कारणों पर प्रश्न उठाए गए। इस पर विशेषज्ञ ने स्पष्ट किया कि केवल आवश्यक सामग्री को शामिल किया गया है तथा शिक्षक–विद्यार्थी के बीच गतिविधि आधारित सीखने का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया है, ताकि छात्र व्यावहारिक रूप से अधिक सीख सकें।
