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नैनीताल की लोअर मॉल रोड पर फिर संकट, धंसाव के बाद छह माह तक बंद रहेगा हिस्सा

नैनीताल। झील नगरी की जीवनरेखा कही जाने वाली लोअर मॉल रोड एक बार फिर संकट में आ गई है। सात साल बाद यहां 15 मीटर नए हिस्से में बड़ी दरार और करीब एक फीट धंसाव देखने को मिला है। एहतियातन लोक निर्माण विभाग ने सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी है और प्रभावित हिस्से में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि करीब 200 मीटर हिस्सा आगामी छह महीने तक स्थायी ट्रीटमेंट कार्य के चलते बंद रहेगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में लोअर मॉल रोड का लगभग 25 मीटर हिस्सा टूटकर झील में समा गया था। तब विभाग ने करीब 82 लाख रुपये की लागत से जियो बैग और जीआई पाइपों की मदद से अस्थायी मरम्मत कर सड़क को बचाया था। उस दौरान करीब एक माह तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।

बाद में स्थायी ट्रीटमेंट के लिए विशेषज्ञों ने अध्ययन किया और टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को प्रस्ताव भेजा गया। बीते वर्ष चार करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी गई, जिसके बाद 3.48 करोड़ का बजट स्वीकृत भी हुआ। हालांकि कई निविदाएं निरस्त होने के बाद नौवीं बार ठेकेदार तय हो पाया। इसके बावजूद स्थायी उपचार कार्य शुरू नहीं हो सका।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग केवल पैचवर्क कर स्थिति संभालता रहा है। अलग-अलग हिस्सों में दरारें उभरने पर उन्हें कंक्रीट से भरा जाता है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। पिछले सप्ताह भी सड़क पर हल्का भूधंसाव हुआ था जिसे कंक्रीट से भरा गया। लेकिन रविवार की बारिश के बाद सड़क पर करीब नौ इंच धंसाव और बड़ी दरार सामने आई।

विभाग ने तुरंत बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया और दरारों में दोबारा कंक्रीट भरने के साथ ही प्रभावित हिस्से को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढक दिया।

लोनिवि के सहायक अभियंता तुला राम टम्टा ने बताया कि पूर्व में किए गए सर्वे में लोअर मॉल रोड पर 190 मीटर हिस्सा संवेदनशील पाया गया है। फिलहाल 40 मीटर पुराने क्षतिग्रस्त हिस्से के साथ रविवार को धंसे 15 मीटर हिस्से का भी स्थायी ट्रीटमेंट कराया जाएगा।

विभाग के अपर सहायक अभियंता विवेक सिंह ने बताया कि धंसाव के बाद मल्लीताल और इंडिया होटल के समीप बैरिकेडिंग लगाकर लोअर मॉल रोड बंद कर दी गई है। अब यातायात को अपर मॉल रोड से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा सूचना कार्यालय के समीप लोअर और अपर मॉल रोड को जोड़कर डायवर्जन तैयार किया जा रहा है, ताकि लोअर मॉल रोड के एक हिस्से तक वाहनों का संचालन हो सके।

सड़क की लगातार अनदेखी से स्थानीय लोग नाराज़ हैं। उनका कहना है कि अस्थायी पैचिंग से हर साल संकट बढ़ता जा रहा है। अगर विभाग समय पर स्थायी समाधान करता तो आज स्थिति इतनी भयावह नहीं होती।


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