पहली ही बारिश में दिखा 16 करोड़ की लागत से बने टौंस नदी पुल के किए गए कार्य का सच… आखिर जिम्मेदार कौन? 👇
देहरादून (28 जुलाई 2026): देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बना नवनिर्मित मुख्य पुल पहली ही बड़ी बारिश में धंस गया है। करीब 16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से पुनर्निर्मित इस पुल का संचालन शुरू हुए अभी महज कुछ ही दिन बीते थे कि इसमें हुए भारी धंसाव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के दावों और निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।
पुल धंसने के कारण इस व्यस्त मार्ग पर आवागमन एक बार फिर बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में प्रशासन और कार्यदायी संस्था के खिलाफ भारी आक्रोश है।
12 जुलाई को ही खुला था पुल, 16 दिन में ही ………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 11 जुलाई की रात टौंस नदी के तेज बहाव में ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थायी पुलिया बह गई थी। इसके तुरंत बाद लोक निर्माण विभाग ने आनन-फानन में मुख्य पुल का काम पूरा कर 12 जुलाई से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई थी।
लेकिन महज़ 16 दिनों के भीतर ही नई बारिश में यह 16 करोड़ी पुल धंस गया। करोड़ों खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में पुल का यह हाल देखकर लोग निर्माण की गुणवत्ता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 15 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि को नंदा की चौकी का पुराना मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। तब एबटमेंट वॉल और स्लैब टूटने के बाद PWD ने ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी पुलिया बनाई थी, जिससे लगभग 10 महीने तक यातायात संचालित हुआ।
इसके बाद मार्च 2026 में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य पुल का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
PWD और प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी
नवनिर्मित पुल में भारी धंसाव की खबर मिलते ही लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक टीम और PWD के इंजीनियरों ने मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
अधिकारियों का कहना है कि पुल में धंसाव के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की दंडात्मक एवं सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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