देवभूमि जन हुंकार, मंगलौर / हरिद्वार / देहरादून: उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस महकमे ने एक बार फिर अपनी पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उदलहेड़ी में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने शातिर चोर के मंसूबों पर पानी फेरते हुए चोरी गए सोने के शत-प्रतिशत जेवरात देश की राजधानी दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिए हैं। खास बात यह है कि चोरों ने चोरी का माल कबाड़ियों या सुनारों को बेचने के बजाय सीधे एक प्रतिष्ठित बैंक में गिरवी रखकर नगद ऋण उठा लिया था।
ग्राम उदलहेड़ी में हुई चोरी के मामले में 03 अक्टूबर को धरा गया था आरोपी
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, कोतवाली मंगलौर में दर्ज मु0अ0सं0 411/2026 से संबंधित चोरी की घटना की विवेचना के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गत 03 अक्टूबर 2026 को मुख्य आरोपी राहुल को हिरासत में ले लिया था। जब आरोपी को पकड़ा गया था, तब उसके कब्जे से चोरी का कुछ ही सामान बरामद हो पाया था, जिसके बाद पुलिस लगातार शेष जेवरात की तलाश में जुटी हुई थी।
मंडलायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जब पुलिस टीम ने आरोपी राहुल से मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने एक ऐसा सच उगला जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
बेचने के बजाय दिल्ली के भजनपुरा स्थित कैपरी गोल्ड लोन शाखा में रखा था सोना
पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल ने खुलासा किया कि उसने और उसके साथियों ने चोरी किए गए सोने के जेवरातों को किसी लोकल बाजार में औने-पौने दामों में बेचने का जोखिम नहीं उठाया। इसके बजाय, उसने शातिर तरीके से उन जेवरातों को दिल्ली के भजनपुरा स्थित कैपरी गोल्ड लोन (Capri Gold Loan) शाखा में ले जाकर बैंक अधिकारियों के समक्ष गिरवी रख दिया।
पुलिस की विवेचना में यह तथ्य पूरी तरह प्रमाणित हुआ कि आरोपियों ने गत 07 अगस्त 2026 को उक्त बैंक शाखा में चोरी के जेवरात गिरवी रखकर ₹2,51,200 (दो लाख इक्यावन हजार दो सौ रुपये) का भारी-भरकम गोल्ड लोन प्राप्त किया था।
रिमांड पर दिल्ली पहुँची मंगलौर पुलिस, शत-प्रतिशत जेवरात सकुशल बरामद
इस अहम और पुख्ता सुराग के मिलते ही कोतवाली मंगलौर पुलिस ने बिना समय गंवाए माननीय न्यायालय से आरोपी राहुल की पुलिस अभिरक्षा का रिमांड प्राप्त किया। रिमांड स्वीकृत होने के बाद मंगलौर पुलिस की विशेष टीम आरोपी को साथ लेकर सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हुई।
दिल्ली के भजनपुरा स्थित कैपरी गोल्ड लोन शाखा में पहुँचकर पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, ऋण दस्तावेजों और आरोपी की निशानदेही की विधिवत मिलान प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद बैंक के कब्जे से चोरी के शेष समस्त जेवरात सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिए गए। शाखा से प्राप्त अभिलेखों और कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी बरामदगी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
इस प्रकार मंगलौर पुलिस ने शातिर चोरों के इस नापाक खेल का पर्दाफाश करते हुए चोरी के माल की शत-प्रतिशत (100%) बरामदगी सुनिश्चित कर दिखाई। चोरी गए आभूषणों के शत-प्रतिशत सुरक्षित मिल जाने से पीड़ित वादी के चेहरे पर राहत की मुस्कान लौट आई, और उन्होंने हरिद्वार पुलिस व मंगलौर कोतवाली टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है।
बरामदगी का विस्तृत विवरण:
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पीली धातु की 02 अंगूठियां
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पीली धातु के 02 जोड़ी कानों के कुंडल
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पीली धातु की 01 नथ
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पीली धातु का 01 मांग टीका
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पीली धातु की 01 चेन
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