उत्तराखंड: आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता – सीमा खेतवाल, देहरादून
उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न लम्बित मांगों के निराकरण न होने पर आगामी 13 अक्टूबर 2025 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। संघ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सहित महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के मंत्री तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगी।
संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्ष 2024 से लगातार अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से सरकार से गुहार लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता में मानदेय वृद्धि और अन्य मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 7 मार्च 2024 को निदेशालय स्तर पर उपनिदेशक के साथ संघ की बैठक हुई, जिसमें भी मानदेय बढ़ोतरी को लेकर सहमति बनी थी।
सुशीला खत्री ने बताया कि इसके बाद संघ ने 13 मार्च 2024 को प्रस्तावित बहिष्कार स्थगित कर दिया था, लेकिन अब एक वर्ष छह माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने मानदेय वृद्धि सहित अन्य प्रमुख मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में —
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने,
मानदेय ₹24,000 प्रति माह करने,
तथा सेवानिवृत्ति पर पेंशन लागू करने की मांग दोहराई है।
संघ ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगी।
