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देवभूमि जन हुंकार, ऋषिकेश / देहरादून: उत्तराखंड के तीर्थ नगरी ऋषिकेश से एक बेहद शर्मनाक, सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया की आड़ में अपनी असली पहचान छिपाकर एक नाबालिग को झांसे में लेने और उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने हिंदू नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर नाबालिग से संपर्क साधा था। इस घिनौनी वारदात में उसका साथ देने वाले सह-आरोपी दोस्त को भी पुलिस ने मुकदमे में घेर लिया है।

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प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि जानसठ निवासी आरोपी सोफियान कुछ महीने पहले यानी फरवरी माह में इंटरनेट मीडिया के माध्यम से नाबालिग के संपर्क में आया था।

आरोपी ने शातिर तरीके से अपनी वास्तविक और मूल पहचान को पूरी तरह छिपा लिया और एक हिंदू नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी (आर्डी) तैयार की। इसी फर्जी पहचान के जरिए वह लगातार नाबालिग से बातचीत करता रहा और उसे अपने विश्वास में लेता रहा। इसके बाद आरोपी ने योजना के तहत शनिवार को नाबालिग को एक होटल में मिलने के लिए बुलाया।

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होटल के कमरे में ले जाकर आरोपी सोफियान ने नाबालिग के साथ पहले मारपीट की और फिर उसके साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

इस आपराधिक कृत्य में उसका सहयोग करने के लिए उसका एक अन्य दोस्त मुस्तफा (निवासी गाजियाबाद) भी ऋषिकेश आया हुआ था। जब सोफियान ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया, तो मुस्तफा ने होटल के कमरे के अंदर जाकर सारे साक्ष्य और सबूत छिपाने का काम किया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने वाले उसके दोस्त मुस्तफा को भी इस मुकदमे में आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) रचने का मुख्य आरोपी बना दिया है।

ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी द्वारा हिंदू पहचान के आधार पर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी आईडी बनाने के गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिसे आधिकारिक तौर पर विवेचना का हिस्सा बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने वाले सह-आरोपी मुस्तफा की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है, और जल्द ही दोनों कानून की गिरफ्त में होंगे।


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