देवभूमि Jan Hunkar, हल्द्वानी / नैनीताल / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मुखर और संघर्षशील पहचान रखने वाले दल उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) द्वारा पिछले एक सप्ताह से कुमाऊं संभाग में चलाई जा रही ‘उत्तराखंड उत्थान जात्रा’ का आज दिनांक 17 अक्टूबर को हल्द्वानी स्थित ऐतिहासिक पर्वतीय उत्थान मंच में पूर्ण भव्यता के साथ समापन हो गया है। इस 7 दिवसीय राजनीतिक व जन-जागरूकता अभियान के समापन अवसर पर कुमाऊं भर से पहुँचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे पूरा परिसर “जागेगा उत्तराखंड, जीतेगा उत्तराखंड” के नारों से गूंज उठा।
उत्तराखंड उत्थान जात्रा ने कुमाऊं संभाग के सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करते हुए आम जनता के बीच क्षेत्रीय अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस जात्रा को दल के शीर्ष और अनुभवी नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसमें मुख्य रूप से माननीय केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, प्रख्यात राजनेता काशी सिंह ऐरी, डॉ. नारायण सिंह जंतवाल और पुष्पेश त्रिपाठी ने पूरी यात्रा के दौरान कमान संभाली और जनता को संबोधित किया।
यात्रा के दौरान उक्रांद नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई दशकों में राज्य की जो दशा हुई है, उससे जनता अब त्रस्त आ चुकी है। जात्रा को मिले अभूतपूर्व और अपार जनसमर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड की जनता अब पूरी तरह मन बना चुकी है कि राज्य को भय, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त कर इसका वास्तविक उत्थान सुनिश्चित किया जाए।
हल्द्वानी के पर्वतीय उत्थान मंच पर आयोजित भव्य समापन समारोह के दौरान 7 दिवसीय इस कठिन यात्रा को सफलतापूर्वक संचालित करने वाले समन्वय एवं प्रबंधन समिति के सभी प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
समिति के सदस्य डॉ. सुरेश नेगी के कुशल दिशा-निर्देशन तथा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान और कुमाऊं प्रभारी बहादुर सिंह रावत की अगुवाई में इस पूरी यात्रा की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसके अलावा सह-प्रभारी राजीव लोचन, केंद्रीय सचिव श्याम सिंह नेगी, केंद्रीय संगठन मंत्री भुवन सिंह बिष्ट, अमर सिंह बिष्ट, रवि बोरा, पुष्कर सिंह बिष्ट, चंदन सिंह और खुशाल सिंह बिष्ट ने पूरी यात्रा के दौरान दिन-रात एक कर इसे जन-जन तक पहुँचाया।
समापन समारोह में वक्ताओं ने संकल्प लिया कि उक्रांद राज्य के मूल स्वरूप को बचाने और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी लड़ाई को और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रखेगा। इस कार्यक्रम में सैकड़ों नागरिकों और दलीय कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आगामी राजनीतिक संभावनाओं के संकेत दे दिए हैं।
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