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संपत्ति खरीद-बिक्री की पूर्व सूचना अनिवार्य: मुख्य सचिव का निर्देश, सचिवालय संघ ने जताया विरोध

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति खरीद-फरोख्त को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2022 के तहत सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि राज्य कर्मचारी अगर 5,000 रुपये से अधिक की कोई संपत्ति खरीदते या बेचते हैं, तो उन्हें पूर्व सूचना अपने विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी को अनिवार्य रूप से देनी होगी।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस निर्देश का उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह नियम कर्मचारियों की ईमानदारी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

हालांकि इस आदेश का उत्तराखंड सचिवालय संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष सुनील लखेड़ा ने कहा कि यह आदेश न तो व्यावहारिक है और न ही उचित। उन्होंने तर्क दिया कि अगर कोई भी प्रशासनिक निर्णय लिया जाता है, तो उसे आईएएस अधिकारियों समेत सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

सुनील लखेड़ा ने बताया कि सचिवालय संघ की एक आपात बैठक में इस आदेश के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा, “हम मुख्य सचिव से मुलाकात कर इस आदेश को वापस लेने की मांग करेंगे।”

सचिवालय संघ का मानना है कि इस तरह के निर्णय लेने से पहले कर्मचारियों से राय-मशविरा किया जाना चाहिए और नीति निर्माण में समानता का सिद्धांत अपनाया जाना चाहिए।


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