हर की पौड़ी: पत्रकार बना देवदूत, गंगा की उफनती लहरों के बीच छलांग लगा कर बचाई डूबते युवक की जान
Cristiano Ronaldo की जीत की दुआ मांगने पहुंचे थे पत्रकार हरि गौतम, 15 दिन में दूसरी बार किसी को मौत के मुंह से निकाला बाहर
हरिद्वार (उत्तराखंड): धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे पवित्र घाट ‘हर की पौड़ी’ पर शनिवार की शाम एक बड़ा हादसा होने से टल गया। गंगा के तेज बहाव में मौत से जूझ रहे एक युवक के लिए पत्रकार हरि गौतम ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आए। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए उफनती गंगा में छलांग लगाई और डूब रहे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी इस बहादुरी को देख वहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उनका अभिवादन किया।
तेज धारा में बहने लगा था युवक, घाट पर मचा हड़कंप
घटना शनिवार शाम करीब 4:45 बजे की है। जानकारी के अनुसार, खड़खड़ी निवासी अजय (उम्र लगभग 28-30 वर्ष) हर की पौड़ी पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गंगा की मुख्य और तेज जलधारा की चपेट में आ गए। देखते ही देखते युवक गहराई में डूबने लगा और लहरों के साथ बहने लगा। घाट पर मौजूद लोग शोर मचाते रहे, लेकिन तेज बहाव के कारण कोई भी पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
साहस की मिसाल: बिना सोचे लगा दी छलांग
उसी वक्त पत्रकार हरि गौतम भी वहां गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। युवक को डूबता देख उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की और तुरंत गंगा में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बावजूद हरि गौतम ने तैरते हुए युवक को बीच धारा में पकड़ लिया और उसे सहारा देकर सुरक्षित किनारे तक ले आए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि हरि गौतम ने तत्परता न दिखाई होती, तो युवक की जान बचाना नामुमकिन था। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में भी कैद हुई है।
फुटबॉल स्टार रोनाल्डो के लिए कर रहे हैं प्रार्थना
एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि हरि गौतम इन दिनों नियमित रूप से गंगा स्नान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने पसंदीदा फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) की सफलता और उनके विश्व कप जीतने की कामना के लिए पिछले कई दिनों से हर की पौड़ी पहुंच रहे हैं। इसी प्रार्थना और अनुशासन ने उन्हें आज एक जीवन बचाने का अवसर दिया। गौरतलब है कि करीब 15 दिन पहले भी हरि ने हरियाणा के एक युवक को इसी तरह डूबने से बचाया था।
बचाव कार्य के बाद हरि गौतम ने अभिभावकों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा:
“हर बच्चे को तैराकी (Swimming) अवश्य सिखानी चाहिए। तैरना जानने वाला व्यक्ति न केवल अपनी, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की जान भी बचा सकता है। जिन्हें तैरना नहीं आता, उन्हें कभी भी गहरे पानी और जंजीरों से आगे नहीं जाना चाहिए।”
साथ ही, उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर हर की पौड़ी जैसे संवेदनशील घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी तैनाती की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।





