STF का बड़ा एक्शन: ऊधमसिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क का भंडाफोड़, सितारगंज से दो और गिरफ्तार
राज्य में अब तक 9 लोग सलाखों के पीछे, भारी मात्रा में पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद
रुद्रपुर/सितारगंज (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों और अवैध हथियारों के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। इसी क्रम में एसटीएफ ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जनपद ऊधमसिंह नगर के सितारगंज क्षेत्र से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस गिरोह से जुड़े गिरफ्तार लोगों की संख्या अब 9 हो गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ के निर्देशन में टीम ने शुक्रवार देर रात सितारगंज-रुद्रपुर मार्ग पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने इनके कब्जे से 01 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर), 01 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर) और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
एसटीएफ द्वारा की गई गहन जांच के बाद 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में इस गिरोह के खिलाफ FIR संख्या-213/2026 दर्ज की गई थी। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5) और 111 के तहत संगीन आरोप लगाए गए हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी:
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निवासी/संचालक: रेस्टोरेंट ‘सरदार जी’, सितारगंज, उम्र 35 वर्ष।
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विक्रमजीत सिंह तूर: पुत्र अजयपाल सिंह, निवासी नियर मंडी, सितारगंज, उम्र 36 वर्ष।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोहों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक महीने से एसटीएफ की टीमें इस पूरे नेटवर्क की परतों को खंगाल रही थीं। जांच में पाया गया कि कई लोग कूटरचित (जाली) दस्तावेजों के माध्यम से बाहरी राज्यों के लाइसेंसों को उत्तराखंड में वैध कराने का खेल कर रहे थे।
एसएसपी एसटीएफ का सख्त संदेश:
“फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह खेल समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे सिंडिकेट की तह तक जाएगी। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति, दलाल या सहयोगी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”






