देहरादून में मिड डे मील योजना में करोड़ों का घोटाला, उपनल कर्मचारी पर 3 करोड़ रुपये गबन का आरोप
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मिड डे मील योजना के नाम पर करोड़ों रुपये की बंदरबांट का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह घोटाला बीते तीन वर्षों से लगातार जारी था और अब इसकी कुल रकम 3 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इस घोटाले में शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक उपनल कर्मचारी को मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जिसने मिड डे मील योजना के तहत भेजी गई सरकारी धनराशि को निजी हितों में प्रयोग किया। आरोप है कि उक्त कर्मचारी ने यह धनराशि अपने परिजनों और परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी, ताकि घोटाले को छिपाया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रेम लाल भारती ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने प्राथमिक स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर ली है और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बीएसए प्रेम लाल भारती ने कहा, “हमने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से घोटाले की पूरी श्रृंखला को खंगालने के लिए वित्तीय दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच की जा रही है। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि इस घोटाले में और भी कर्मचारी या अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
