बागेश्वर: पशुपालन से बदली कविता देवी की जिंदगी, अल्ट्रा पूअर परियोजना से मिली नई दिशा
संवाददाता: सीमा खेतवाल, बागेश्वर
बागेश्वर। जनपद बागेश्वर के विकासखंड बागेश्वर अंतर्गत ग्राम पंचायत भटकोला की निवासी श्रीमती कविता देवी ने पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। अल्ट्रा पूअर परियोजना के सहयोग से उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक सुधार लाने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
कविता देवी पहले से ही अपनी आजीविका के लिए पशुपालन को प्राथमिकता देती थीं। इसके बाद स्टेप द्वारा अल्ट्रा पूअर परियोजना की गाइडलाइन व गतिविधियों के तहत उनका चयन किया गया, जिससे उन्हें अपने कार्य को और आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
परियोजना के तहत लाभार्थी कविता देवी को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। साथ ही मनरेगा के माध्यम से पशुओं के लिए नामिनीकरण किया गया तथा गोबर पिट और पानी की टंकी का निर्माण भी कराया गया, जिससे पशुपालन के कार्य को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
कविता देवी ने पशुपालन का कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है, लेकिन वे बचपन से ही पशुपालन का कार्य करती आ रही हैं। इसी कारण उन्हें इस क्षेत्र का वर्षों का अनुभव है और वे अपने अनुभव के आधार पर ही इस कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।
परियोजना से प्राप्त सहयोग के बाद कविता देवी ने एक अच्छी नस्ल की भैंस की खरीदारी की। वर्तमान में उनकी भैंस से प्रतिदिन लगभग 6–8 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। कविता देवी अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ही दूध का विपणन कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है।
अल्ट्रा पूअर गतिविधि की गाइडलाइन के अनुसार परियोजना से प्राप्त सहायता राशि को दो वर्ष बाद 10–12 मासिक किस्तों में जमा किया जाएगा।
कविता देवी का कहना है कि अल्ट्रा पूअर पैकेज से प्राप्त सहयोग के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। इससे परिवार की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कविता देवी के अनुसार अल्ट्रा पूअर गतिविधि के अंतर्गत लाभान्वित होने के बाद पशुपालन के कार्य में भी वृद्धि हुई है, जिससे उनके रोजगार के अवसर और मजबूत हुए हैं।
कविता देवी बताती हैं कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने लगी है, जिससे वे अपनी आजीविका को और बेहतर बना सकती हैं। साथ ही वे रीप परियोजना के अंतर्गत संचालित अन्य योजनाओं का लाभ लेने के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रही हैं।
आज कविता देवी पशुपालन के माध्यम से अपने परिवार का सहारा बनने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन रही है।
