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धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह

धामी सरकार के फैसले बने मिसाल, विकास को मिली रफ्तार

हल्द्वानी, 21 मार्च 2026।उत्तराखंड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति एवं स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर स्वागत किया।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देवभूमि आस्था, अध्यात्म और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां के लोग सौम्य, परिश्रमी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।

राजनाथ सिंह ने धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ तेजी से निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा, “धामी न केवल धाकड़ हैं, बल्कि अब धुरंधर बन चुके हैं,” जो प्रदेश के विकास के लिए प्रभावी नेतृत्व दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और यह यात्रा संघर्ष, बलिदान और विकास की मिसाल रही है। राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, बिजली क्षमता विस्तार, पर्यटन, रोजगार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से कार्य हो रहा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो विकास की गति को दर्शाता है।

उन्होंने धामी सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों—समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनकर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा चुका है।

अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।

उन्होंने “पहाड़ की जवानी और पानी” का स्थानीय विकास में उपयोग करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य में निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचा, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से बड़े निवेश समझौते हुए हैं और स्टार्टअप व उद्योगों की संख्या में तेजी आई है। महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई से राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है और हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। साथ ही, यूसीसी लागू कर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को भी प्रोत्साहन मिला है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक, गणेश जोशी, खजान दास, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, सरिता आर्या, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, शिव अरोड़ा, सुरेश गड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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