हल्द्वानी टैक्स बार का फूटा गुस्सा: अधिवक्ता को हिरासत में भेजने पर जताया कड़ा ऐतराज, कार्रवाई की मांग
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यवाही के दौरान एक अधिवक्ता को 24 घंटे की हिरासत में भेजे जाने के फैसले के खिलाफ अब हल्द्वानी टैक्स बार एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे न्यायिक गरिमा और अधिवक्ता समुदाय के सम्मान के पूरी तरह प्रतिकूल बताया है।
इस संबंध में आयोजित एक विशेष बैठक में वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिवक्ता न्याय प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ हैं और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि यह न्यायपालिका की निष्पक्ष छवि को भी प्रभावित करता है। एसोसिएशन ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय समीक्षा करने और संबंधित न्यायिक अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
हल्द्वानी टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पांडे और सचिव महेंद्र सिंह बिष्ट ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर उत्तराखंड बार काउंसिल, नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और देशभर के अधिवक्ता संगठनों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता वर्ग के सम्मान, स्वायत्तता और उनकी कार्य करने की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एसोसिएशन हर स्तर पर प्रतिबद्ध रहेगी। बैठक में मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि न्याय के मंदिर में अधिवक्ताओं के आत्मसम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।





