देहरादून में हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़: स्कॉर्पियो के ‘सीक्रेट केबिन’ से 1.55 करोड़ बरामद, गुजरात के 3 गिरफ्तार
देहरादून: राजधानी देहरादून में सक्रिय एक बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दून पुलिस ने सवा करोड़ से अधिक की नकदी बरामद की है। कैंट पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो कार से 1.55 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की, जिसे बेहद शातिर तरीके से कार के भीतर बनाए गए एक गुप्त केबिन (सीक्रेट बॉक्स) में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने इस मामले में गुजरात के तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
चेकिंग के दौरान पकड़ा गया ‘कैश चैंबर’
घटनाक्रम के अनुसार, कैंट पुलिस राजेंद्र नगर कौलागढ़ क्षेत्र में सिरमौर मार्ग पर रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र नंबर की संदिग्ध स्कॉर्पियो एन (MH12XT 3245) को रोका। पूछताछ के दौरान चालक सतीश भाई और उसके साथ बैठे ठाकुर जसवंत संघ व सचिन पटेल (तीनों निवासी गुजरात) संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सख्ती से पूछताछ करने पर चालक ने कबूला कि कार के अंदर एक सीक्रेट केबिन है जिसमें भारी मात्रा में कैश भरा हुआ है।
यह भी पढ़ें 👉 शादी के 45 दिन बाद प्रेमी संग फरार हुई दुल्हन, पंचायत में मायके और ससुराल वालों ने तोड़ा नाता
आयकर विभाग ने रातभर गिने नोट
इतनी बड़ी रकम की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचित किया। आयकर अधिकारियों की मौजूदगी में जब सीक्रेट केबिन खोला गया, तो पुलिस की आंखें फटी रह गई। केबिन से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं, जिनकी गिनती शुक्रवार आधी रात तक चलती रही। कुल बरामद धनराशि 1 करोड़ 55 लाख रुपये पाई गई। पुलिस ने नकदी के साथ ही नोट गिनने की मशीन और वाहन को भी जब्त कर लिया है।
हवाला का खेल: बनारस से दून पहुंची खेप
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह पैसा बनारस से लेकर आए थे और इसे देहरादून में ही किसी को सुपुर्द करना था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क हवाला का है और अंतिम प्राप्तकर्ता (Receiver) का नाम इन्हें मौके पर ही बताया जाना था। पुलिस ने इस नेटवर्क के तार खंगालते हुए डालनवाला क्षेत्र के सर्वे चौक स्थित एक कार्यालय का भी पता लगाया है, जहाँ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें 👉 बेमिसाल प्रेम कहानी:: सतना जेल की महिला अधिकारी ने उम्रकैद के सजायाफ्ता रहे धर्मेंद्र से रचाया विवाह
पकड़े गए आरोपियों का विवरण:
-
सतीश भाई (51 वर्ष): निवासी मेहसाणा, गुजरात (वाहन चालक)।
-
ठाकुर जसवंत संघ: निवासी जिला पाटन, गुजरात।
-
सचिन पटेल: निवासी जिला मेहसाणा, गुजरात।
चूंकि बरामद रकम का कोई वैध स्रोत नहीं मिला है, इसलिए आयकर विभाग अब वारंट लेकर इस पूरी धनराशि को अपने कब्जे में लेने की तैयारी कर रहा है।





