चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले
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चमोली: ग्रीष्मकाल के लिए खुले चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, ‘हर-हर महादेवसे गूंजा हिमालय

चमोली/गोपीनाथ: पंचकेदारों में प्रतिष्ठित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। हिमालय की गोद में स्थित इस पावन धाम के कपाट खुलने के साथ ही ग्रीष्मकालीन यात्रा का भी औपचारिक शुभारंभ हो गया है।

गोपीनाथ मंदिर से विदा हुई देवडोली

कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत रविवार को भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह देवडोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर से हिमालयी क्षेत्र के लिए रवाना हुई। प्रस्थान से पूर्व मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आरती का आयोजन किया गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और “बम-बम भोले” के जयघोषों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोली यात्रा में शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

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यात्रा पड़ाव और मुख्य अनुष्ठान

  • प्रथम पड़ाव: रविवार रात देवडोली ने पनार बुग्याल में रात्रि विश्राम किया।

  • कपाट उद्घाटन: सोमवार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर डोली धाम पहुंची, जहाँ मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के द्वार खोले।

  • दर्शन: कपाट खुलने के बाद भगवान शिव के मुख स्वरूप की विशेष पूजा की गई, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किए।

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रुद्रनाथ मंदिर समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है और यहाँ पहुंचने का मार्ग काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पैदल मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत संगम होने के कारण इस धाम का विशेष महत्व है।


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