उत्तराखंड नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 2026 का शेड्यूल और आवेदन प्रक्रिया
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उत्तराखंड: नर्सिंग और पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए आवेदन शुरू, पहली बार लागू हुई ‘एकीकृत’ व्यवस्था

देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिला लेने के इच्छुक युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। हेमवती नंदन बहुगुणा (HNB) उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार राज्य में “कॉमन एंट्रेंस एग्जाम और एकीकृत काउंसलिंग” की नई प्रणाली लागू की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 जून 2026 (दोपहर 1 बजे तक) निर्धारित की गई है।

  • एडमिट कार्ड डाउनलोड: 8 जून 2026 (दोपहर 1 बजे से)

  • परीक्षा की तिथियां: 13 और 14 जून 2026

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प्रवेश परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल (Exam Calendar)

विश्वविद्यालय ने दो दिनों के भीतर विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है:

तिथि प्रथम पाली (10 AM – 12 PM) द्वितीय पाली (2:30 PM – 4:30 PM)
13 जून (शनिवार) बीएससी नर्सिंग जीएनएम एवं पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग
14 जून (रविवार) एएनएम, एमएससी नर्सिंग एवं पीबीबीएससी बीएससी व एमएससी पैरामेडिकल

इस एकीकृत परीक्षा के माध्यम से छात्र ANM, GNM, B.Sc. Nursing, M.Sc. Nursing, Post Basic B.Sc. Nursing और विभिन्न पैरामेडिकल कोर्सेज में मेरिट के आधार पर दाखिला पा सकेंगे। अब छात्रों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी; एक ही काउंसलिंग के जरिए उन्हें उनकी रैंक के अनुसार कॉलेज आवंटित किए जाएंगे।

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प्रदेशभर में 13 परीक्षा केंद्र

पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने राज्य के लगभग सभी मुख्य जिलों में केंद्र बनाए हैं। इनमें देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार, श्रीनगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चम्पावत, बागेश्वर, रुद्रपुर, नई टिहरी, गोपेश्वर और रुद्रप्रयाग शामिल हैं।

छात्रों के लिए क्यों है यह खास?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘कॉमन एंट्रेंस एग्जाम’ से छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेगा। एकीकृत काउंसलिंग से सीटों की बर्बादी रुकेगी और मेधावी छात्रों को अपनी पसंद का कॉलेज मिलने में आसानी होगी। डिजिटल माध्यम से शुल्क जमा होने और एडमिट कार्ड जारी होने से पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।


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