नैनीताल: राशन कार्डों के महा-सत्यापन अभियान में तेजी, अब तक 13 कार्ड मिले अपात्र; DM ने दिए सख्त निर्देश
नैनीताल: जिले में सरकारी राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर राशन कार्डों के सत्यापन का महा-अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी 2 लाख 32 हजार 580 राशन कार्डों की जांच करना है। जिलाधिकारी ने इस पूरी प्रक्रिया को 30 मई तक हर हाल में पूरा करने की समय-सीमा (Deadline) निर्धारित की है।
हल्द्वानी में सर्वाधिक कार्डों की होगी जांच
जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष समितियों ने क्षेत्रवार सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया है। जिले में कार्डों का विवरण इस प्रकार है:
हल्द्वानी: 1,14,440 कार्ड (सर्वाधिक)
रामनगर: 40,792 कार्ड
नैनीताल: 32,161 कार्ड
धारी: 18,377 कार्ड
कालाढूंगी: 14,103 कार्ड
कैंचीधाम: 12,319 कार्ड
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सत्यापन में ‘फिल्टर’ होने लगे अपात्र
आरओ विनय जोशी ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। शुरुआती जांच में ही फर्जीवाड़ा सामने आने लगा है। अब तक हुई रैंडम जांच में 70 कार्डों के सत्यापन में से 13 कार्ड अपात्र पाए गए हैं, जिन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन की इस सख्ती से उन लोगों में हड़कंप है जो अपात्र होने के बावजूद गरीबों के हक का राशन ले रहे हैं।
सत्यापन अभियान की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों (SDMs) और खंड विकास अधिकारियों (BDOs) को चेतावनी दी है कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्डों का फिजिकल वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए ताकि केवल पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ मिल सके।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अपात्र लोग स्वयं अपना राशन कार्ड सरेंडर नहीं करते हैं और जांच में पकड़े जाते हैं, तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ अब तक लिए गए राशन की वसूली भी बाजार दरों पर की जा सकती है।





