पिथौरागढ़: कलयुगी पिता की शर्मनाक करतूत! दूसरी बेटी के जन्म पर अस्पताल में काटा गदर, पुलिस ने नशेड़ी बाप को पहुंचाया सलाखों के पीछे
पिथौरागढ़: आधुनिकता की दौड़ में दौड़ते समाज के लिए पिथौरागढ़ की यह घटना किसी तमाचे से कम नहीं है। जिला महिला अस्पताल में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब नवजात बेटी के स्वागत के बजाय उसके अपने ही पिता ने अस्पताल को अखाड़ा बना दिया। दूसरी बेटी के जन्म की खबर मिलते ही इस शख्स ने सारी मर्यादाएं ताक पर रखकर जमकर उत्पात मचाया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने उसे दबोच लिया।
बेटी के स्वागत के बजाय नफरत का प्रदर्शन
जनपद के दिग्तोली गांव निवासी एक युवक अपनी पत्नी के प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचा था। सोमवार को जैसे ही डॉक्टरों ने उसे सुखद समाचार दिया कि उसके घर एक स्वस्थ नन्ही परी आई है, युवक खुशी मनाने के बजाय आगबबूला हो गया। घर में पहले से एक बेटी होने के कारण दूसरी बार भी बेटी का होना उसे इस कदर नागवार गुजरा कि उसने अस्पताल स्टाफ और वहां मौजूद तीमारदारों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
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नशे की हालत में किया बवाल, 81 पुलिस एक्ट में कार्रवाई
आरोपी की गुंडागर्दी से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य मरीज सहम गए। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जब युवक को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई, तो उसके नशे में धुत होने की पुष्टि हुई।
सीओ पिथौरागढ़, गोविंद बल्लभ जोशी ने सख्त लहजे में कहा:
“अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर शांति भंग करना और स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य में बाधा डालना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के विरुद्ध 81 पुलिस एक्ट के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।”
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इस घटना ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध वर्ग को झकझोर कर रख दिया है। तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता हेमा थलाल ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं हमारी खोखली हो रही मानसिकता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बेटियां हर क्षेत्र में शिखर पर हैं, ऐसे में उन्हें ‘अवांछित’ समझना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की हत्या है।





