लोहाघाट ब्रेकिंग: मायावती अस्पताल के डेंटिस्ट डॉ. लोकेश जोशी की नदी में गिरने से मौत, अंधेरा और बिना रेलिंग का रास्ता बना काल
लोहाघाट/चंपावत: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के चंपावत जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। लोहाघाट स्थित सुप्रसिद्ध मायावती अस्पताल के वरिष्ठ दंत चिकित्सक (डेंटिस्ट) डॉ. लोकेश जोशी की देर रात एक पहाड़ी नदी में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह ड्यूटी के बाद पैदल अपने घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में स्ट्रीट लाइट न होने के कारण अंधेरे में उनका पैर फिसल गया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले के मूल निवासी 40 वर्षीय डॉ. लोकेश जोशी पिछले 6 वर्षों से लोहाघाट के प्रसिद्ध मायावती अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह वर्तमान में लोहाघाट के बाड़ीगाड़ इलाके में एक किराए के मकान में अपनी पत्नी डॉली जोशी और 9 वर्षीय इकलौती बेटी के साथ रहते थे। रोज की तरह घटना वाली रात भी डॉ. लोकेश जोशी अपनी स्कूटी से घर पहुँचे। उन्होंने अपनी स्कूटी को हमेशा की तरह सड़क किनारे पार्क किया और पैदल ही अपने कमरे की तरफ चल दिए।
यह भी पढ़ें 👉 दिल्ली अग्निकांड: मालवीय नगर के होटल में भीषण आग, 21 लोगों की मौत; खिड़कियों से कूदे लोग
जिस रास्ते से डॉ. जोशी अपने घर की ओर जा रहे थे, वहां दूर-दूर तक कोई स्ट्रीट लाइट नहीं थी और चारों तरफ घाना अंधेरा पसरा हुआ था। इसके साथ ही, रास्ते से सटी बाड़ीगाड़ नदी के किनारे सुरक्षा के लिए कोई रेलिंग या दीवार भी नहीं बनाई गई थी। अंधेरे के कारण डॉ. जोशी अचानक अपना संतुलन खो बैठे और सीधे सड़क से लगभग 14 फीट नीचे बह रही पथरीली नदी में जा गिरे।
देर रात तक जब डॉ. लोकेश अपने घर नहीं पहुँचे, तो चिंतित परिजनों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी खोजबीन शुरू की। थोड़ी ही दूरी पर ग्रामीणों ने उन्हें नदी के पास अचेत अवस्था में नीचे पड़ा देखा। ग्रामीण तुरंत मदद के लिए नीचे उतरे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
यह भी पढ़ें 👉 स्कूटी की डिग्गी से ₹2 लाख उड़ाने वाला UP का शातिर अपराधी गिरफ्तार
नदी में गिरने के कारण डॉ. जोशी के सिर पर गंभीर चोट आई थी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनका शव नदी से बरामद होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और उनकी पत्नी व मासूम बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग और स्ट्रीट लाइट न होने पर गहरा गुस्सा जाहिर किया है।





