हल्द्वानी ब्रेकिंग: सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी का बड़ा चाबुक,घनी आबादी के बीच बिना फायर NOC के चल रहा 9 लाख लीटर का अवैध पेंट गोदाम सील!
हल्द्वानी: रामपुर रोड स्थित अमेज़न (Amazon) के गोदाम में शुक्रवार देर रात लगी भीषण और दर्दनाक आग में दो होनहार कर्मचारियों की असमय मौत के बाद जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड महकमा पूरी तरह से एक्शन और अलर्ट मोड में आ गया है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने शहर के व्यवसायिक और घनी आबादी वाले इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान शुरू कर दिया। इसी कड़ी में टीम ने बरेली रोड के पास स्थित एक बहुत बड़े पेंट के गोदाम पर औचक छापा मारा, जहाँ सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती देख अधिकारियों के होश उड़ गए। मौके की गंभीरता और खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने इस महा-गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील (Seal) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर तहसीलदार कुलदीप पांडेय, फायर ब्रिगेड के अधिकारी मिंदर पाल समेत जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम दल-बल के साथ मौजूद रही।
प्रशासनिक जांच में जो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, उसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, सील किए गए इस विशाल गोदाम के भीतर करीब 9 लाख लीटर अत्यधिक ज्वलनशील पेंट और थिनर का स्टॉक अवैध रूप से डंप करके रखा गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह गोदाम पिछले लगभग एक साल से बिना किसी वैध फायर एनओसी (No Objection Certificate) के धड़ल्ले से संचालित हो रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने बताया कि इस गोदाम की फायर एनओसी अक्टूबर 2025 में ही समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, फायर विभाग की ओर से इस घोर लापरवाही को लेकर पूर्व में कई बार नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन गोदाम संचालक और संबंधित नामी कंपनी ने इन चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और अब तक एनओसी का नवीनीकरण (Renewal) कराने की जहमत नहीं उठाई।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले की संगीनता को उजागर करते हुए कहा कि यह विशाल पेंट गोदाम चारों तरफ से बेहद घनी आबादी और रिहायशी क्षेत्र से घिरा हुआ है। पेंट और केमिकल जैसी अत्यधिक संवेदनशील वस्तुओं में मामूली सी चिंगारी भी पूरे इलाके को श्मशान में तब्दील कर सकती थी और यहाँ किसी भी समय अमेज़न स्टोर से भी कई गुना बड़ा और भयावह हादसा होने की पूरी आशंका बनी हुई थी। संयुक्त टीम के संयुक्त निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गोदाम के भीतर इतने बड़े पैमाने पर ज्वलनशील पदार्थ होने के बावजूद, आग से निपटने के लिए पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण, स्प्रिंकलर सिस्टम और तय सुरक्षा मानकों की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। एक तरह से पूरा इलाका बारूद के ढेर पर बैठा हुआ था।
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फायर विभाग, तहसील प्रशासन और कुमाऊं विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गोदाम परिसर को चारों तरफ से सील कर उसकी चाबी अपने कब्जे में ले ली है। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने इस कार्रवाई के जरिए शहर के अन्य व्यापारियों और अवैध रूप से गोदाम चलाने वालों को बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हल्द्वानी शहर के भीतर संचालित होने वाले ऐसे सभी व्यावसायिक गोदामों, मॉल, फैक्ट्रियों और बहुमंजिला व्यवसायिक भवनों की सूची तैयार कर सघन जांच की जाएगी। जिन भी संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं मिलेगी या जो निर्धारित सरकारी सुरक्षा मानकों का पालन करते नहीं पाए जाएंगे, उन्हें बिना किसी ढिलाई के तुरंत सील किया जाएगा और उनके मालिकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कानूनी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अवैध गोदाम संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।





