सहसपुर के बैरागीवाला में पानी के विवाद को लेकर खूनी संघर्ष, एक की मौत; आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर
देहरादून: राजधानी के सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बैरागीवाला गांव में पानी के मामूली विवाद ने भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस सांप्रदायिक तनाव के बाद पूरे क्षेत्र में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है, जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया है।
रविवार सुबह भड़की हिंसा और आगजनी
शनिवार को हुई इस हिंसक वारदात के बाद रविवार सुबह एक बार फिर माहौल गरमा गया। आक्रोशित ग्रामीणों और कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के घरों के आसपास पथराव और आगजनी शुरू कर दी। इस पथराव में भी कुछ लोगों को मामूली चोटें आने की खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
घटना के बाद से ही पीड़ित पक्ष और स्थानीय ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग को लेकर शनिवार देर रात तक सहसपुर थाने में डटे रहे। सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाया। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि देवभूमि में इस तरह की गुंडागर्दी और जघन्य अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी तीव्र निंदा की है। सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
“जो लोग प्रदेश की शांति को चुनौती देने का दुस्साहस करेंगे, उन्हें ऐसा कड़ा दंड दिया जाएगा कि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले हजार बार सोचेगा। प्रशासन सभी कानूनी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर रहा है, और दोषियों के खिलाफ बेहद कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी खुद क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन फ्लैग मार्च जारी है।





