देवभूमि जन हुंकार, बदरीनाथ/चमोली (30 जुलाई 2026): उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित हेराफेरी और गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच अचानक बेहद तेज हो गई है। एसआईटी की टीम को इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसआईटी ने मामले के मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व वैयक्तिक सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल के बदरीनाथ स्थित सरकारी आवास से मंदिर से जुड़ा कीमती नजराना और 500-500 रुपये के नोटों के रूप में भारी मात्रा में नकदी बरामद की है।
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नीलकंठ गेस्ट हाउस में ताला खोलकर हुई छापेमारी, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जांच टीम आरोपी प्रमोद नौटियाल को अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर लेकर बदरीनाथ पहुंची थी। बदरीनाथ धाम में आरोपी की सीधी निशानदेही पर इस बड़ी बरामदगी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे, इसके लिए एसआईटी ने पूरी रेड और सामग्री की जब्ती की बाकायदा वीडियोग्राफी भी कराई है।
एसआईटी ने बदरीनाथ स्थित नीलकंठ वीवीआईपी गेस्ट हाउस (Neelkanth VVIP Guest House) की पहली मंजिल पर बने आरोपी प्रमोद नौटियाल के सरकारी कमरे का ताला चाबी वाले से खुलवाकर सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे के भीतर से बदरीनाथ मंदिर से संबंधित बेशकीमती नजराने/उपहार और 500-500 रुपये की गड्डियों के रूप में भारी नकदी बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि वह मंदिर से जुड़ी कुछ सामग्री अपने साथ ले गया था।
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देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित निजी आवास पर भी एसआईटी का छापा
बदरीनाथ धाम में चल रही सीधी कार्रवाई के साथ-साथ एसआईटी की एक अन्य टीम ने राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित प्रमोद नौटियाल के निजी मकान पर भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। देहरादून स्थित आवास से आरोपी और उसके परिजनों की अचल संपत्तियों, बैंक खातों, एफडीआर और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब इस एंग्ल पर गहराई से काम कर रही हैं कि क्या मंदिर के पावन चढ़ावे की कथित रकम को अचल संपत्तियां खरीदने, प्लॉटिंग करने या अन्य बेनामी निवेशों में खपाया गया था।
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36 करोड़ का चढ़ावा, CCTV फुटेज और कर्मचारियों से गहन पूछताछ
जांच में अब तक यह तथ्य सामने आया है कि बदरीनाथ धाम मंदिर में इस सीजन में 2 जुलाई तक दानपात्रों की कुल 34 बार गिनती की जा चुकी थी, जिसमें लगभग 36 करोड़ रुपये की नकदी आधिकारिक रजिस्टरों में दर्ज हुई थी। शुरुआती दौर में करीब 23 करोड़ रुपये की गणना पूरी हो चुकी थी। एसआईटी की टीम अब विशेष रूप से 21 जून के बाद की तमाम सीसीटीवी फुटेज, दान गिनती की कागजी प्रक्रिया और मंदिर के भीतर की निगरानी व्यवस्था को खंगाल रही है।
इस दौरान यह बड़ा प्रशासनिक और सुरक्षात्मक सवाल भी खड़ा हो रहा है कि कड़ी निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद मंदिर के चढ़ावे में इतनी बड़ी हेराफेरी कैसे अंजाम दी जाती रही। चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी एसआईटी के रडार पर है। वर्तमान में दफेदार, सीसीटीवी मॉनिटरिंग स्टाफ, भंडार प्रभारी, वरिष्ठ सहायक और लेखा लिपिक समेत कई अन्य कर्मचारियों को समन भेजकर पूछताछ की जा रही है। चमोली पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी से मिली अहम जानकारियों के आधार पर अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी दबिश दी जा रही है।
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