केंद्र सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत ई-पॉश मशीन से डिजिटल राशन प्राप्त करते उपभोक्ता
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राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब देश की किसी भी दुकान से टुकड़ों में ले सकेंगे गेहूं-चावल, लागू हुआ ATM मॉडल

नई दिल्ली: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद कल्याणकारी और बड़ी राहत देने वाला ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) योजना के तहत अब देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और लचीला बना दिया गया है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब लाभार्थियों को अपना पूरा राशन किसी एक ही निर्धारित दुकान से लेने की कानूनी बाध्यता नहीं होगी। अब कार्ड धारक अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार देश के किसी भी हिस्से में स्थित उचित दर की सरकारी राशन दुकान से अलग-अलग खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने इस बड़े प्रशासनिक नीतिगत बदलाव की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस नई व्यवस्था को पूरी तरह से बैंकिंग प्रणाली के ‘एटीएम (ATM) मॉडल’ की तर्ज पर विकसित किया गया है। जिस प्रकार कोई भी बैंक खाताधारक देश के किसी भी कोने में स्थित एटीएम मशीन से अपनी नकदी निकाल सकता है, ठीक उसी प्रकार अब देश का कोई भी राशन कार्ड धारक किसी भी राज्य या शहर की सरकारी राशन दुकान से अपने कोटे का अनाज ले सकेगा। इस व्यवस्था के तहत यदि लाभार्थी चाहे तो वह एक दुकान से सिर्फ गेहूं और दूसरी किसी अन्य दुकान से अपना चावल या अन्य खाद्यान्न ले सकता है। इससे राशन वितरण में अभूतपूर्व लचीलापन आएगा और उपभोक्ताओं को राशन डीलरों की मनमानी से मुक्ति मिलेगी।

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सरकार के इस कदम से राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों, बायोमेट्रिक मशीनों में फिंगरप्रिंट मैच न होने की तकनीकी दिक्कतों और किसी विशेष दुकान में स्टॉक खत्म होने पर राशन से वंचित रह जाने जैसी गंभीर परेशानियों का पूरी तरह से खात्मा हो जाएगा। इस बड़े फैसले का सबसे सीधा और क्रांतिकारी लाभ देश के उन लाखों प्रवासी मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और श्रमिकों को मिलेगा जो रोजगार की तलाश में अपने गृह राज्य को छोड़कर दूसरे राज्यों या महानगरों में निवास करते हैं। अब उन्हें अनाज के लिए अपने पैतृक गांव की दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा; वे जहां भी कार्यरत हैं, वहीं के नजदीकी राशन डीलर के पास जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से अपने हिस्से का राशन आसानी से ले सकेंगे।

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सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार देशभर की सभी राशन दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक वेइंग (तौल) मशीनों को सीधे ई-पॉश (e-PoS) मशीनों से जोड़ रही है, जिससे घटतौली और राशन की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इसके साथ ही, सरकार ने ‘मेरा राशन 2.0’ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से लाभार्थी घर बैठे ही अपने राशन कोटे, नजदीकी राशन दुकान के विवरण, आधार लिंकिंग की स्थिति और पिछले वितरण रिकॉर्ड की पारदर्शी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी सुविधा का निर्बाध लाभ उठाने के लिए राशन कार्ड का आधार से लिंक होना अनिवार्य होगा और केवल सुरक्षित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ही खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।


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