ऊधमसिंह नगर: अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस के सिंडिकेट पर एसएसपी अजय गणपति का बड़ा प्रहार
एसओजी और कुंडा पुलिस ने दबोचे 02 शातिर,पंजाब से फर्जी पतों पर बनवाए थे शस्त्र लाइसेंस
काशीपुर/रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘अपराध मुक्त देवभूमि’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ऊधमसिंह नगर श्री अजय गणपति के कुशल निर्देशन में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एसओजी काशीपुर/रुद्रपुर और कोतवाली कुंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर अवैध रूप से हथियार रखने वाले एक अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और कूटरचित (फर्जी) शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए हैं।
ऐसे हुआ खौफनाक साजिश का पर्दाफाश
एसओजी काशीपुर और रुद्रपुर की टीम को जांच के दौरान यह इनपुट मिला था कि जनपद के कुछ लोग बाहरी राज्यों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हथियार खरीदकर घूम रहे हैं, जिनका इस्तेमाल भविष्य में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया और विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से जिलाधिकारी तरनतारन (पंजाब) को पत्राचार किया गया। वहां के डीएम कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट ने पुलिस के होश उड़ा दिए; रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि संबंधित शस्त्र लाइसेंस उनके कार्यालय से कभी जारी ही नहीं किए गए और न ही इनका कोई रिकॉर्ड दर्ज है। इसके अलावा, अभियुक्तों ने पंजाब के जिन पतों का इस्तेमाल किया था, वे भी पूरी तरह फर्जी पाए गए।
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पंजाब में दबिश देकर जुटाए साक्ष्य, 20 जून को हुई गिरफ्तारी
मामले की पुष्टि होते ही कोतवाली कुंडा में विभिन्न गंभीर धाराओं (BNS) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविंद बहुगुणा (विवेचक) के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने तत्काल पंजाब राज्य का रुख किया और वहां से पुख्ता तकनीकी व भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद, २० जून २०२६ को आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों मुख्य अभियुक्तों को एसओजी कार्यालय काशीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में पहला अजय सिंह (उम्र ३१ वर्ष) पुत्र बलकार सिंह निवासी ग्राम छिनकी (किच्छा) और दूसरा अनूप सिंह (उम्र ४० वर्ष) पुत्र कुलवंत सिंह निवासी ग्राम भरतपुर (कुंडा), ऊधमसिंह नगर शामिल हैं। अभियुक्त अनूप सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास भी है, जिसके खिलाफ पहले से कुंडा थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं।
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भारी मात्रा में असलहे और कारतूस बरामद
पुलिस टीम ने दोनों अभियुक्तों के कब्जे से सघन तलाशी के दौरान चौंकाने वाली बरामदगी की है। अभियुक्त अनूप सिंह के पास से एक .३२ बोर की पिस्टल, एक .३१५ बोर की राइफल, कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। वहीं, दूसरे अभियुक्त अजय सिंह के कब्जे से भी एक .३२ बोर की पिस्टल, ८ जिंदा कारतूस (.३२ बोर), एक .३१५ बोर की राइफल, ८ जिंदा कारतूस (.३१५ बोर) और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया है।
“जनपद ऊधमसिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस, अवैध हथियार और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी तत्व को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऊधमसिंह नगर पुलिस की यह प्रभावी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। अन्य संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारक भी पुलिस की रडार पर हैं; अपराधियों और उनके मददगारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”






