भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का एक और ‘ हंटर’: देहरादून के जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय सस्पेंड; होम-स्टे सब्सिडी में ‘घूसखोरी’ का वीडियो हुआ था वायरल! 🚨👇
देहरादून: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रशासनिक अमले में एक बार फिर बड़ा हड़कंप मच गया है। देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी (DTDO) बृजेन्द्र पाण्डेय को भ्रष्टाचार के गंभीर और विधिक आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। यह कड़ा और दंडात्मक आदेश उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया है।

होम-स्टे योजना की सब्सिडी में ‘बड़ा खेल’, वायरल वीडियो ने खोली पोल!
आधिकारिक विधिक आदेश के मुताबिक, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय पर सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और रोजगारपरक योजना ‘दीन-दयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना’ को कलंकित करने का आरोप लगा है।
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सब्सिडी के बदले रिश्वत की मांग: आरोप है कि पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी अनुदान (सब्सिडी) राशि को पास करने और विधिक स्वीकृति देने के एवज में अधिकारी द्वारा अवैध रूप से रिश्वत की मांग की जा रही थी।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो और कुछ पुख्ता साक्ष्य तेजी से वायरल हुए थे, जिसमें अधिकारी के कथित भ्रष्टाचार का लाइव खेल साफ नजर आ रहा था। शासन और पर्यटन विभाग ने इस वायरल वीडियो का तत्काल स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया और प्रथम दृष्टया (Prima Facie) अधिकारी को गंभीर विधिक रूप से दोषी पाते हुए तुरंत सस्पेंशन का आदेश थमा दिया।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई हाई-लेवल जांच
मामले की संवेदनशीलता और विभाग की साख को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और सघन विधिक जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी को इस मामले में जांच अधिकारी (Inquiry Officer) नामित किया गया है। वे इस पूरे घूसखोरी कांड के तकनीकी व विधिक पहलुओं की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
मुख्यालय से रहेंगे संबद्ध (Attach):
निलंबन की अवधि के दौरान वित्तीय नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विधिक आदेश में साफ तौर पर यह शर्त जोड़ी गई है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान बृजेन्द्र पाण्डेय उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, मुख्यालय देहरादून से संबद्ध (Attach) रहेंगे और बिना सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
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