उत्तराखंड पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर: हरिद्वार छोड़ शेष 12 जिलों में उपचुनाव की अधिसूचना जारी; 15 जुलाई को ही वोटिंग और नतीजे, लागू हुई आचार संहिता! 👇
देहरादून: उत्तराखंड में ग्रामीण सरकार (पंचायत राज) के रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने प्रदेश के हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष सभी 12 जिलों में रिक्त चल रहे उप प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के विभिन्न पदों पर उपचुनाव कराने की आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इस विशेष चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। इस बार के पंचायत उपचुनाव की सबसे खास बात यह है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया महज एक ही दिन के भीतर—यानी 15 जुलाई 2026 को ही मतदान और उसी दिन मतगणना (Counting) के साथ परिणाम घोषित कर संपन्न करा ली जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही संबंधित विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
हरिद्वार को छोड़कर उत्तराखंड के 12 जिलों में बजेगा चुनावी बिगुल
राज्य निर्वाचन आयोग के स्पष्ट आदेशानुसार, यह पंचायत उपचुनाव केवल हरिद्वार जनपद को छोड़कर उत्तराखंड के अन्य सभी 12 जिलों की उन ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जा रहा है जहाँ विभिन्न कारणों से उप प्रधान या पंचायत सदस्यों के पद खाली पड़े हुए थे। इस चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आज, 7 जुलाई को अपने-अपने जनपदों में विधिवत जिला स्तरीय अधिसूचना और विस्तृत सूचना जारी करेंगे। इस सूचना की एक प्रति सरकारी गजट में प्रकाशित होने के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित की जाएगी। आम जनता और संभावित प्रत्याशियों की सुविधा के लिए पूरा चुनाव कार्यक्रम संबंधित ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक), जिला पंचायत, तहसील कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय के सूचना पट्ट (Notice Board) पर भी चस्पा किया जाएगा।
यह भी पढ़ें 👉 पिता जिसे छोड़ गए थे स्कूल, वह मां के लाखों के जेवरात और नकदी लेकर किशोर संग हुई फरार; युवा पीढ़ी का यह भटकाव क्यों?
8 जुलाई से मिलेंगे नामांकन पत्र, जानिए कैसे और कहाँ से मिलेंगे फॉर्म
पंचायत उपचुनाव में किस्मत आजमाने वाले और ग्रामीण राजनीति में रुचि रखने वाले संभावित उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र खरीदने की प्रक्रिया कल, 8 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। इच्छुक प्रत्याशी 8 जुलाई से 14 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे के बीच अपने संबंधित क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) मुख्यालय पर जाकर नामांकन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जो उम्मीदवार इस अवधि में फॉर्म नहीं ले पाएंगे, उनके लिए आयोग ने एक और विशेष मौका दिया है; वे मुख्य चुनाव के दिन यानी 15 जुलाई को भी सुबह 08:00 बजे से 09:30 बजे तक अपनी संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय से ही सीधे नामांकन पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें 👉 सुहाग की ‘गुप्त सेटिंग’ का पत्नी ने कर दिया भंडाफोड़; बच्चों के साथ मिलकर पति और दूसरी महिला को सिखाया ऐसा सबक कि पहुंच गए थाने! 👇
सुपर-फास्ट मोड में 15 जुलाई को ही पूरा होगा पूरा इलेक्शन शेड्यूल (Time Table)
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार बेहद कड़ा और सुपर-फास्ट टाइम टेबल तैयार किया है, जिसके तहत 15 जुलाई को सुबह से लेकर शाम तक सारी औपचारिकताएं एक ही छत के नीचे पूरी कर ली जाएंगी। 15 जुलाई का मिनट-टू-मिनट चुनावी कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
| समय (दुपहर/सुबह) | निर्धारित चुनावी प्रक्रिया |
| सुबह 08:00 से 09:30 बजे | संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय में नामांकन पत्र उपलब्ध कराना |
| सुबह 10:00 से 11:00 बजे | उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र जमा (File) करना |
| सुबह 11:00 से 12:00 बजे | निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) |
| दोपहर 12:00 से 12:30 बजे | असंतुष्ट या इच्छा बदलने वाले प्रत्याशियों द्वारा नाम वापसी |
| दोपहर 12:30 से 01:00 बजे | योग्य उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह (Symbols) का आवंटन |
| दोपहर 01:30 से 03:30 बजे | ग्राम पंचायत भवन में मतदान (Voting) की प्रक्रिया |
| अपराह्न 04:00 बजे से | मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा |
निर्वाचन आयोग ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि उप प्रधान पद के चुनाव की यह पूरी प्रक्रिया संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही रिटर्निंग ऑफिसर की देखरेख में संपन्न कराई जाएगी। यह चुनाव उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली 1994 (जो उत्तराखंड में हूबहू लागू है) के वैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें 👉 हल्द्वानी में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा: ठंडी सड़क और नैनीताल रोड पर कई ठेले जब्त, भारी जुर्माना वसूला
अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तराखंड के सभी 12 जिलों के प्रशासनिक अमले ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने, संवेदनशील बूथों को चिन्हित करने, बैलेट पेपर की छपाई और मतदान कर्मियों की समय पर तैनाती सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर, जैसे ही आचार संहिता लागू होने और तारीखों की घोषणा हुई है, गांवों की राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई है। संभावित दावेदारों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में गोटियां सेट करना और मतदाताओं को रिझाना शुरू कर दिया है।
👉देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें





