हल्द्वानी में रक्सिया और कलसिया नाले के किनारे संवेदनशील घरों का निरीक्षण कर नोटिस देते एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारीहल्द्वानी में रक्सिया और कलसिया नाले के किनारे संवेदनशील घरों का निरीक्षण कर नोटिस देते एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारी
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हल्द्वानी में मानसून का ‘रेड अलर्ट’: कलसिया, रक्सिया नाले और गोला नदी किनारे बसे 150 घरों को नोटिस, प्रशासन की बड़ी चेतावनी! 👇

हल्द्वानी/काठगोदाम: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही हल्द्वानी और काठगोदाम क्षेत्र में नदी-नालों के किनारे रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड पर आ गया है। आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित जलभराव, भूधंसाव और बाढ़ (Flood) की गंभीर स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए आज प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर संवेदनशील इलाकों का तूफानी स्थलीय निरीक्षण किया। उपजिलाधिकारी (SDM) हल्द्वानी, तहसीलदार हल्द्वानी तथा काठगोदाम के राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) ने संयुक्त रूप से रक्सिया नाला, कलसिया नाला, देवखड़ी नाला एवं गोला नदी के बेहद नजदीक स्थित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।

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150 भवनों को किया गया चिह्नित, अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा

स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने नदी और बरसाती नालों के मुहाने पर बने ऐसे 150 भवनों और स्ट्रक्चरों (मकानों) को चिह्नित किया, जिन पर मानसून के दौरान सबसे पहले और सबसे सीधा खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन द्वारा इन सभी प्रभावित होने वाले 150 परिवारों को तत्काल विधिक नोटिस निर्गत (जारी) कर दिए गए हैं।

नोटिस के माध्यम से सभी संबंधित निवासियों को बेहद कड़े शब्दों में सचेत किया गया है कि मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली भारी बारिश से इन नालों और गोला नदी के जलस्तर में किसी भी समय अचानक अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। जलस्तर बढ़ने से अचानक बाढ़ या कटान की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे भारी जन-धन की हानि (Life and Property Loss) की संभावना बनी रहती है।

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“तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं”— प्रशासन की स्थानीय लोगों से भावुक अपील

निरीक्षण के दौरान एसडीएम और तहसीलदार ने स्थानीय नागरिकों और मातृशक्ति से सीधा संवाद किया। प्रशासन ने सभी परिवारों से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे आपदा प्रबंधन और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों (Guidelines) का पूरी निष्ठा से पालन करें। नोटिस में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि जैसे ही मौसम खराब हो या जलस्तर बढ़े, बिना किसी देरी के तत्काल अपने परिवारों के साथ सुरक्षित स्थानों या प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में स्थानांतरित हो जाएं।

अधिकारियों ने मौके पर नागरिकों को ये 3 कड़े निर्देश भी दिए:

  • ❌ नदी और बरसाती नालों के किनारे अनावश्यक रूप से या सेल्फी आदि लेने के लिए बिल्कुल न जाएं।

  • 🧒 मानसून अवधि के दौरान अपने छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और उन्हें पानी के स्रोतों से दूर रखें।

  • 📞 किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति, जलभराव या भूस्खलन होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन, राजस्व टीम या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (Disaster Control Room) को सूचित करें।

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आपदा कंट्रोल रूम एक्टिव, संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे होगी निगरानी

हल्द्वानी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रक्सिया, कलसिया, देवखड़ी और गोला नदी के इन अति-संवेदनशील कैचमेंट एरिया की निरंतर और पैनी निगरानी (Continuous Monitoring) की जा रही है। आपदा से निपटने के लिए सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम सहित सभी संबंधित रेखीय विभागों को अलर्ट पर रहने और आपदा प्रबंधन की सभी जरूरी तैयारियां एडवांस में सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।

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