कपकोट के मौंधुरा गांव में ताश के पत्तों की तरह ढही विशाल पहाड़ी, टनों मलबे के साथ गिरीं चट्टानें; दहशत में ग्रामीण! 👇
बागेश्वर/कपकोट:उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश अब पहाड़ों के वजूद पर भारी पड़ने लगी है। बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक स्थित मौंधुरा गांव से प्राकृतिक आपदा की एक बेहद खौफनाक और रूह कंपा देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ शनिवार शाम देखते ही देखते एक विशाल पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नीचे आ गिरा। पहाड़ी ढहने से टनों मलबा और विशालकाय चट्टानें बेहद तेज रफ्तार से नीचे लुढ़कने लगीं, जिससे पूरे इलाके में भयंकर दहशत का माहौल बन गया।
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गनीमत रही कि टल गया बड़ा हादसा, सुरक्षित स्थानों की ओर भागे लोग
घटना के समय मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार शाम अचानक पहाड़ी से पत्थरों के गिरने की आवाज आई और देखते ही देखते पूरी पहाड़ी भरभराकर नीचे आ गिरी। इस खौफनाक दृश्य को देखकर आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
राहत की सबसे बड़ी और सुखद बात यह रही कि भूस्खलन जिस समय और स्थान पर हुआ, वहां उस समय कोई भी इंसान या मवेशी मौजूद नहीं था। साथ ही मलबा रिहायशी मकानों तक नहीं पहुँचा, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से बाल-बाल टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
बारिश से सहमे ग्रामीण, प्रशासन से संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाने की गुहार
कपकोट क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मौंधुरा और आसपास के गांवों के लोग अभी भी गहरे डर के साये में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बारिश का सिलसिला यूँ ही जारी रहा तो क्षेत्र में अन्य पहाड़ियों से भी भूस्खलन हो सकता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में तुरंत विधिक सुरक्षा उपाय करने तथा निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासन की अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें, संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें
मानसून के दौरान पहाड़ी जिलों में लगातार घट रही भूस्खलन की घटनाएँ यह साफ संकेत दे रही हैं कि पर्वतीय मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और नदी-नालों व लैंडस्लाइड के लिए चिन्हित डेंजर जोन से दूरी बनाए रखें।
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