सोनम वांगचुक केस में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने से इनकार, सफदरजंग में ही चलेगा इलाज; AIIMS के डॉक्टर रखेंगे नजर! 👇
नई दिल्ली: लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और जलवायु संरक्षण के लिए लंबे समय से आंदोलनरत सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और इलाज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को किसी निजी अस्पताल (Private Hospital) में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर फिलहाल कोई भी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल में ही उनका इलाज जारी रहेगा और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनी निगरानी बनी रहेगी।
परिवादिता (पत्नी) की याचिका पर हाईकोर्ट ने लिया निर्णय
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक की पत्नी (परिवादिता) की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में मांग की गई थी कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत सफदरजंग अस्पताल से हटाकर किसी बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि सरकार द्वारा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय पूरी तरह उचित था। वर्तमान साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर उन्हें किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की कोई तात्कालिक विधिक आवश्यकता दिखाई नहीं देती है।
डॉक्टरों की राय और वांगचुक की सहमति से ही लिए जाएंगे फैसले
अदालत ने मरीजों के अधिकारों का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। न्यायालय ने कहा कि सोनम वांगचुक के उपचार और दवाओं से जुड़े सभी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय निर्णय केवल डॉक्टरों की विशेषज्ञ राय और स्वयं वांगचुक की व्यक्तिगत सहमति (Consent) से ही लिए जाएंगे। इसके साथ ही न्यायालय ने अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया कि उन्हें सर्वोत्तम और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
सफदरजंग में इलाज, AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी मॉनिटरिंग
सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ताओं द्वारा अदालत को अवगत कराया गया कि वर्तमान में सोनम वांगचुक का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के स्पेशल वार्ड में चल रहा है। इसके साथ ही, उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टर भी लगातार अपनी निगरानी रखेंगे। एम्स की यह टीम सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी, ताकि आपातकालीन स्थिति या जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सकीय सलाह और विधिक उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जा सके।
यह भी पढ़ें 👉 हल्द्वानी में बड़ा एक्शन: 70 नोटिसों के बाद गरजा बुलडोजर, नाले पर बने दर्जनभर अवैध निर्माण ध्वस्त
केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और अस्पताल प्रशासन से 3 दिन में मांगी स्टेटस रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त विधिक रुख अपनाया है। न्यायालय ने अगली सुनवाई से पहले केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को तीन दिनों के भीतर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) दाखिल करने का कड़ा विधिक निर्देश दिया है।
इस रिपोर्ट में प्रशासन को सोनम वांगचुक की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उनके उपचार की अब तक की प्रगति और अस्पताल में उन्हें उपलब्ध कराई जा रही तमाम चिकित्सा सुविधाओं की पूरी और पारदर्शी जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब वांगचुक की चिकित्सकीय स्थिति पर माननीय अदालत की भी सीधी नजर बनी रहेगी।
👉 देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें
