देहरादून (28 जुलाई 2026): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों के लिए भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। सोमवार रात से ही राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण नदियां-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें बाधित हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार तड़के ही एक्शन मोड में नजर आए।
मुख्यमंत्री ने सुबह-सुबह सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से बातचीत कर प्रदेश में वर्षा की वर्तमान स्थिति, बंद मार्ग, नदियों का जलस्तर, जलभराव और राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
आपदा प्रबंधन मंत्री और मुख्य सचिव ने भी ली स्थिति की जानकारी
मुख्यमंत्री के अलावा आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से प्रदेश भर की स्थिति का अपडेट लिया।
उच्चाधिकारियों ने राज्य और जिला स्तर पर बने सभी आपातकालीन परिचालन केंद्रों (State & District Emergency Operation Centers) को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना की सतत निगरानी की जाए और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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बंद सड़कें खोलने के लिए JCB व पोकलेन तैनात करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर काम करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में एक सेकंड की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य बिंदु एवं प्रशासनिक आदेश:
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सड़कों की बहाली: बारिश और भूस्खलन से बाधित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत खोला जाए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में जेसीबी (JCB), पोकलेन और डोजर तैनात किए जाएं।
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ग्राउंड पर रहें अधिकारी: जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद फील्ड में जाकर स्थिति का मुआयना करें।
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हेली सेवाएं स्टैंडबाय पर: दुर्गम और अति-आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए हेली सेवाओं को पूर्ण रूप से अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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बुनियादी सुविधाएं: भारी बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में बिजली, पेयजल या संचार (टेलीकॉम) सेवाएं ठप हुई हैं, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तुरंत बहाल किया जाए।
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चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रदेश में चल रही चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अत्यधिक वर्षा या भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को जोखिम में डालने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। मौसम साफ होने और मार्ग सुचारु होने के बाद ही उन्हें आगे की यात्रा की अनुमति दी जाए। प्रशासन को यात्रियों के रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर त्वरित अमल करते हुए आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने मंगलवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। उन्होंने सीएम द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए।
सचिव ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से प्रदेशभर की स्थिति पर 24 घंटे लगातार नजर रखी जा रही है। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एससीईओ (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, एससीईओ (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा और एसईओसी प्रभारी सुश्री प्रतिभा पुरोहित समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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