देवभूमि जन हुंकार, देहरादून (05 अगस्त 2026): आगामी वर्ष 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को लेकर जहाँ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस समेत तमाम मुख्य राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं, वहीं भारत निर्वाचन आयोग एवं उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने भी प्रशासनिक स्तर पर कसौटियां कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में पंजीकृत 17 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अमान्य घोषित करते हुए पंजीकृत सूची से बाहर कर दिया है।
अब इन 17 दलों के चुनाव चिन्ह या बैनर तले कोई भी प्रत्याशी आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएगा। वहीं दूसरी ओर, हरिद्वार जनपद की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की नई राजनीतिक पार्टी ‘जन निर्माण पार्टी’ को चुनाव आयोग में औपचारिक पंजीकरण मिल गया है।
6 साल से निष्क्रियता और पते गायब होने पर गिरी गाज
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, नियमानुसार हर विधानसभा चुनाव से पूर्व उन राजनीतिक दलों की गहन समीक्षा की जाती है जो लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे हैं। आयोग की जांच में सामने आया कि प्रदेश के ये 17 दल ऐसे थे, जिन्होंने पिछले 6 वर्षों से लगातार न तो कोई विधानसभा चुनाव लड़ा और न ही कोई लोकसभा चुनाव।
इसके अतिरिक्त, जब निर्वाचन आयोग की टीमों ने इन दलों द्वारा पंजीकृत कराए गए कार्यालयों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो दिए गए पतों पर उन दलों का कोई अस्तित्व या दफ्तर नहीं पाया गया।
नोटिस का जवाब न देने पर केंद्रीय चुनाव आयोग की कार्रवाई
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इन राजनीतिक दलों द्वारा समय पर एनुअल रिटर्न, वार्षिक अंशदान रिपोर्ट या फिर सांगठनिक आंतरिक चुनाव (Internal Elections) संबंधी दस्तावेज जमा नहीं कराए गए थे। आयोग ने इन्हें निष्क्रिय एवं संदिग्ध मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था ताकि वे अपने अस्तित्व का प्रमाण प्रस्तुत कर सकें।
हालाँकि, तय समयावधि के भीतर राजनीतिक दलों की ओर से कोई भी जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने की दशा में राज्य निर्वाचन कार्यालय ने केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) को विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी, जिसके आधार पर इन्हें पंजीकृत सूची से पूरी तरह हटा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में उत्तराखंड में कुल 42 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल अस्तित्व में थे।
अमान्य घोषित किए गए 17 राजनीतिक दलों की जिलेवार सूची:
देहरादून जिला (9 दल):
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भारतीय जनक्रांति पार्टी (मियांवाला, देहरादून)
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हमारी जनमंच पार्टी (चुक्खूवाला, देहरादून)
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मैदानी क्रांति दल (माजरा, देहरादून)
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राष्ट्रीय जन सहाय दल (न्यू कनॉट प्लेस, देहरादून)
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उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी (हरिद्वार बाईपास, देहरादून)
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भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी (तरलो अधोईवाला, देहरादून)
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भारतीय अंत्योदय पार्टी (निरंजनपुर, देहरादून)
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भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी (आमवाला, देहरादून)
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गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट (चंद्रबनी, देहरादून)
हरिद्वार जिला (5 दल):
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राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी (रुड़की, हरिद्वार)
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भारत कौमी दल (लाट्ठरदेवा, हरिद्वार)
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पीपुल्स पार्टी (रुड़की, हरिद्वार)
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भारत परिवार पार्टी (ज्वालापुर, हरिद्वार)
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भारतीय सम्राट सुभाष सेना (लक्सर रोड, हरिद्वार)
पौड़ी गढ़वाल एवं नैनीताल जिला (3 दल):
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प्रजामंडल पार्टी (श्रीनगर गढ़वाल, पौड़ी)
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प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया (रामनगर, नैनीताल)
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सुराज सेवा दल (हल्द्वानी, नैनीताल)
6 नए दलों ने किया आवेदन, उमेश कुमार की पार्टी मान्य
17 निष्क्रिय दलों के निष्कासन के बीच उत्तराखंड में नई राजनीतिक पार्टियों के उदय की प्रक्रिया भी जारी है। खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की पंजीकृत पार्टी ‘जन निर्माण पार्टी’ को चुनाव आयोग से औपचारिक मान्यता मिल गई है। इसके साथ ही आगामी 2027 चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए 6 नए राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग के समक्ष पंजीकरण हेतु आवेदन किया है, जिन पर वर्तमान में प्रक्रिया जारी है।
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