देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ राज्य कर विभाग ने एक बहुत बड़ा और कड़ा रुख अपना लिया है। राज्य कर विभाग ने प्रदेश भर में 40 इलेक्ट्रिकल कारोबारियों के ठिकानों पर औचक छापेमारी की है। जीएसटी नियमों का खुला उल्लंघन कर बिक्री छिपाने और सही कर न जमा करने के मामले में विभाग ने सख्त एक्शन लेते हुए व्यापारियों से मौके पर ही 4.30 करोड़ रुपये की धनराशि नकद जमा कराई है।
प्रदेशभर में 18 और 19 सितंबर को चलाया गया व्यापक निरीक्षण अभियान
राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, विभागीय अधिकारियों द्वारा 18 और 19 सितंबर को उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में इलेक्ट्रिकल उत्पादों के प्रमुख विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों पर व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दो दिवसीय ताबड़तोड़ अभियान से पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान 40 व्यापारियों द्वारा जीएसटी नियमों का उल्लंघन कर बिक्री छिपाने और सरकार को राजस्व का चूना लगाने का मामला सामने आया। वित्तीय गड़बड़ी पुख्ता पाए जाने पर कार्रवाई के दौरान संबंधित कारोबारियों द्वारा मौके पर ही 4.30 करोड़ रुपये की भारी-भरकम टैक्स धनराशि नकद रूप से जमा कराई गई।
दोनों जोनों में शीर्ष अधिकारियों द्वारा की गई मॉनिटरिंग
इस व्यापक अभियान को धरातल पर उतारने के लिए सभी संयुक्त आयुक्तों (कार्यपालक) के नेतृत्व में उपायुक्त, सहायक आयुक्त और राज्य कर अधिकारियों की विशेष टीमों ने चिन्हित प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। इस पूरे अभियान की उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा की गई:
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गढ़वाल जोन: अपर आयुक्त श्री डीएस नबियाल की देखरेख में।
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कुमाऊं जोन: श्री राकेश वर्मा की देखरेख में।
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मुख्यालय स्तर: नोडल अधिकारी श्री मनीष मिश्र की देखरेख में।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में सभी विसंगतियों का बारीकी से आकलन किया जा रहा है, और जल्द ही नियमानुसार वैधानिक मांग व अतिरिक्त वसूली की अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
राज्य कर आयुक्त की आम जनता से अपील: “हमेशा लें पक्का बिल”
इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन ने प्रदेश की आम जनता से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जनहित की अपील की है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता इलेक्ट्रिकल सामान खरीदते समय हमेशा पक्का बिल (टैक्स इनवॉइस) जरूर लें।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि उत्पाद में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी आने पर वारंटी, कंपनी से मुफ्त मरम्मत, उत्पाद का रिप्लेसमेंट (बदलाव) या उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) में शिकायत दर्ज कराने के लिए टैक्स इनवॉइस (बिल) होना अनिवार्य होता है। पक्का बिल लेने से एक ओर जहाँ उपभोक्ताओं के कानूनी हितों का संरक्षण होता है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार को उचित राजस्व प्राप्त होता है, जिससे प्रदेश का विकास होता है। इसके साथ ही विभाग ने सभी व्यापारियों को अपनी दुकानों पर “जीएसटी बिल अवश्य लें” के स्टीकर प्रमुखता से लगाने के सख्त निर्देश भी दिए हैं।
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