देवभूमि जन हुंकार, देहरादून / नैनीताल: उत्तराखंड के विधि जगत और अधिवक्ता समाज के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक और बड़ी राहत लेकर आया है। नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश के विद्वान अधिवक्ताओं को कैशलेस (केस-लेस) चिकित्सा सुविधा प्रदान करने एवं अधिवक्ताओं की अन्य गंभीर समस्याओं के संबंध में अत्यंत सकारात्मक वार्ता संपन्न हुई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जल्द ठोस निर्णय लेने का भरोसा दिया है।
बैठक के दौरान बार पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह प्रमुखता से रखा कि राज्य और हाईकोर्ट की स्थापना के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी वकीलों के स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं था। ऐसे में उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड के समस्त अधिवक्ताओं को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि गंभीर बीमारी के समय वकीलों और उनके आश्रित परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वकीलों की इस मांग को पूरी तरह जायज और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार अधिवक्ता समाज के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जल्द ही इस संदर्भ में सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लिया जाएगा।
कैशलेस इलाज के इस बहुप्रतीक्षित मुद्दे के अलावा बैठक में वकीलों की व्यावसायिक सुरक्षा से जुड़े ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ (Advocate Protection Act) को लागू करने, कोर्ट परिसरों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा वकीलों के कल्याणकारी फंड से जुड़ी अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस सकारात्मक आश्वासन के बाद नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन समेत पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है। लीगल फ्रेटरनिटी ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जल्द ही शासन स्तर से इस संबंध में औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
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