Haldwani News: रानीबाग मंदिर भूमि संरक्षण के लिए 9 अगस्त को हल्द्वानी में “पहाड़ी स्वाभिमान रैली”; पहाड़ी आर्मी व सामाजिक संगठनों ने खोला मोर्चा
देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (05 अगस्त 2026): कुमाऊँ की प्राचीन धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रमुख केंद्र रानीबाग स्थित मंदिर भूमि के संरक्षण और वहाँ हो रहे कथित अवैध अतिक्रमण के विरोध में एक बड़ा जनआंदोलन आकार लेने लगा है। आगामी 9 अगस्त 2026 को हल्द्वानी में भव्य “पहाड़ी स्वाभिमान रैली” का आयोजन किया जाएगा। इसकी औपचारिक घोषणा पहाड़ी आर्मी, कत्यूरी संगठन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने हल्द्वानी के एक स्थानीय होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान की।
केवल स्थानीय विरोध नहीं, प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आयोजकों ने दावा किया कि यह प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह संपूर्ण उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को बचाने का एक व्यापक जनआंदोलन बनने जा रहा है।
रैली का आयोजन कुमाऊँनी-गढ़वाली समाज, समस्त उत्तराखंडी समाज, कत्यूरी संगठन और पहाड़ी आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कुमाऊँ और गढ़वाल मंडल के समस्त जनपदों के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी प्रवासी उत्तराखंडी बड़ी संख्या में हल्द्वानी पहुँचेंगे। इसमें युवा, पूर्व सैनिक, महिला संगठन, बुद्धिजीवी और विभिन्न अखाड़ों-परंपराओं के संत-महात्मा भाग लेंगे।
रानीबाग की प्राचीन धरोहर और प्राधिकरण पर गंभीर आरोप
आयोजकों ने रानीबाग के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कुमाऊँ की प्राचीन आस्था का केंद्र रहा है। यहाँ स्थित प्राचीन मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा का केंद्र हैं। यदि समय रहते इस ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक पहचान से वंचित हो जाएंगी।
पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने आरोप लगाया कि रानीबाग क्षेत्र में मंदिर भूमि पर कथित अवैध कब्जों, अतिक्रमण और अवैध निर्माण के प्रयासों को लेकर जिला प्रशासन व संबंधित विभागों से लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण पर भी अतिक्रमणकारियों के साथ कथित मिलीभगत का आरोप लगाया। (हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है)।
रमेश मनराल व सीता रावत ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई न हुई, तो 9 अगस्त की रैली के बाद इस आंदोलन को पूरे उत्तराखंड में व्यापक रूप दिया जाएगा।
सरकार के समक्ष रखी गईं प्रमुख मांगें:
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उच्चस्तरीय जांच: रानीबाग मंदिर भूमि पर कथित अवैध कब्जों और अतिक्रमण की समयबद्ध व निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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कानूनी कार्रवाई: मंदिर की भूमि पर अवैध निर्माण व कब्जा करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
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मानसखंड मंदिर माला योजना: चेतेश्वर धाम, ऐतिहासिक चित्रशिला घाट और गंगा-गार्गी रानीबाग क्षेत्र को ‘मानसखंड मंदिर माला योजना’ के तहत शामिल कर विकसित किया जाए।
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मास्टर प्लान व सुविधाएं: श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
प्रेस वार्ता में मंदिर समिति व आंदोलन से जुड़े चंदन सिंह मनराल, राजेंद्र सिंह मनराल, रमेश मनराल,कविता जीना, सीता रावत, प्रेमा मेर, अंजू पांडे, टी.एस. भाकुनी, रमेश सिंह खाती सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
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