देवभूमि जन हुंकार, पौड़ी/रिखणीखाल (08 अगस्त 2026): उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में गुलदारों की सक्रियता और आतंक लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। पौड़ी जनपद के रिखणीखाल क्षेत्र में शुक्रवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब दो खूंखार गुलदार एक कुत्ते का पीछा करते हुए सीधे रिखणीखाल थाने के परिसर में जा घुसे। संयोग से गुलदारों ने थाने में मुस्तैद पुलिसकर्मियों पर सीधा हमला नहीं किया और कुछ ही देर बाद पुलिसकर्मियों के भारी शोरगुल के कारण कुत्ते को छोड़कर बाज़ार की दिशा में भाग निकले।
कमरे से आई कुत्ते के कराहने की आवाज़, सामने मौजूद थे 2 गुलदार
घटना शुक्रवार सुबह करीब पौने पाँच बजे की बताई जा रही है। उस समय रिखणीखाल थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी रोज़ाना की भांति कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान हेड कांस्टेबल शंभू प्रसाद को थाने के कार्यालय परिसर में स्थित एक कमरे से कुत्ते के कराहने की तेज़ आवाज़ सुनाई दी।
आवाज़ सुनकर शंभू प्रसाद जैसे ही कमरे के भीतर पहुँचे, तो सामने का ख़ौफ़नाक नज़ारा देखकर उनके होश उड़ गए। कमरे के अंदर दो गुलदार मौजूद थे और वे एक कुत्ते को दबोचने का प्रयास कर रहे थे। अचानक सामने गुलदारों को देखकर हेड कांस्टेबल शंभू प्रसाद ने तनिक भी धैर्य नहीं खोया और तेज़ी से चिल्लाते हुए कमरे से बाहर निकल आए। उनकी आवाज़ सुनते ही थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी लाठी-डंडों के साथ तुरंत मौके पर एकत्र हो गए।
CCTV फुटेज में क़ैद हुई रोंगटे खड़े करने वाली वारदात
पुलिसकर्मियों की आहट और भारी शोरगुल सुनकर दोनों गुलदार कमरे से बाहर निकल आए और थाने से भागते हुए सीधे बाज़ार की दिशा में चले गए। राहत की बात यह रही कि इस अकल्पनीय घटना में किसी भी पुलिसकर्मी को कोई शारीरिक नुक़सान नहीं पहुँचा।
घटना के बाद जब थाने में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो साफ़ हुआ कि दोनों गुलदार एक आवारा कुत्ते का शिकार करने के लिए उसका पीछा कर रहे थे। कुत्ता जान बचाने के लिए थाने के कमरे में घुस गया, जिसके पीछे-पीछे दोनों गुलदार भी कमरे के भीतर तक पहुँच गए थे।
एक दिन पहले ही बाज़ार में मवेशी को बनाया था शिकार
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में गुलदारों की आवाजाही पिछले कई दिनों से बनी हुई है। बताया गया कि गुरुवार को ही गुलदार ने रिखणीखाल बाज़ार क्षेत्र में एक पालतू मवेशी को अपना निवाला बनाया था। इसके अगले ही दिन दो-दो गुलदारों के पुलिस थाने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली इमारत के भीतर पहुँच जाने से स्थानीय लोगों की चिंता गहरा गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब केवल जंगलों तक सीमित नहीं रहे हैं और भोजन की तलाश में बेफ़िक्र होकर आबादी वाले क्षेत्रों में दाख़िल हो रहे हैं। रिखणीखाल के निवासियों ने वन विभाग से तुरंत क्षेत्र में नाइट गश्त बढ़ाने और गुलदारों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने हेतु पिंजरा लगाने की पुरज़ोर माँग की है।
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