देवभूमि जन हुंकार, लालकुआं/हल्द्वानी (08 अगस्त 2026): उत्तर-पूर्वी रेलवे के लालकुआं रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मुरादाबाद से काठगोदाम आ रही पैसेंजर ट्रेन में एक नेपाली पति-पत्नी अचेत अवस्था में पड़े मिले। आशंका जताई जा रही है कि वे ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले शातिर जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुए हैं। बदमाशों ने दंपती के पास मौजूद करीब ₹49 हजार रुपये की नकदी और मोबाइल फोन पार कर दिया। जीआरपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को 108 एंबुलेंस से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (STH), हल्द्वानी भेजा, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हरिद्वार में नेपाली भाषा बोलकर जीता विश्वास, फिर पिलाई नशीली चाय
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जीआरपी चौकी लालकुआं को सूचना मिली कि मुरादाबाद-काठगोदाम पैसेंजर ट्रेन की बोगी में एक दंपती बेहोश पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही जीआरपी काठगोदाम के थानाध्यक्ष संजय शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
जीआरपी जवानों ने दोनों को ट्रेन से नीचे उतारा और बातचीत का प्रयास किया, लेकिन वे ठीक से बोलने की स्थिति में नहीं थे। पहचान पत्रों की जांच के बाद उनकी पहचान महेंद्र सिंह (60 वर्ष), पुत्र राम सिंह, निवासी झाझरकोट (नेपाल) और उनकी पत्नी शीला देवी (45 वर्ष) के रूप में हुई।
बताया गया कि दंपती हिमाचल प्रदेश में दिहाड़ी मजदूरी करते थे और अपनी कड़ी मेहनत से जमा की गई रकम लेकर नेपाल स्थित अपने गांव लौटने के लिए निकले थे। वे शिमला से बस द्वारा हरिद्वार पहुंचे थे। हरिद्वार में उन्हें तीन अज्ञात व्यक्ति मिले, जिन्होंने खुद को नेपाली बताते हुए नेपाल जाने की बात कही और दंपती का विश्वास जीत लिया।
₹49 हजार नकदी, मोबाइल और ट्रेन टिकट भी गायब
दंपती के मुताबिक, उन अज्ञात लोगों ने उन्हें चाय पिलाई। चाय पीने के कुछ ही देर बाद दोनों अपनी सुध-बुध खो बैठे और अचेत हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बदमाशों ने उनके पास से मोबाइल फोन, पैसे और ट्रेन के टिकट तक गायब कर दिए।
अस्पताल में उपचार के दौरान होश आने पर महेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास करीब ₹20 हजार रुपये थे, जबकि उनकी पत्नी शीला देवी के पास लगभग ₹29 हजार रुपये थे (कुल ₹49,000)। बदमाश पूरी रकम और मोबाइल समेटकर आसानी से फरार हो गए।
डॉक्टरों ने बताई हालत खतरे से बाहर, जीआरपी जांच में जुटी
डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के वरिष्ठ डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पति-पत्नी को धतूरा या कोई अन्य जहरीला/नशीला पदार्थ खिलाया या पिलाया गया है। डॉक्टर ने राहत व्यक्त करते हुए बताया कि दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उम्मीद है कि जल्द ही उनकी स्थिति में पूर्ण सुधार हो जाएगा।
इधर, जीआरपी काठगोदाम पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।
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