Uttarakhand High Court Proposed Land Location in Lamachaur Opposite Bel Baba Mandir Haldwaniरामपुर रोड लामाचौड़ में 40 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए परिसर का स्थान।
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (07 अगस्त 2026): उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए परिसर के निर्माण स्थल को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं, अफवाहों और भ्रम के बीच राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। न्याय विभाग की ओर से नई संशोधित प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया गया है कि हाईकोर्ट का नया परिसर गौलापार में नहीं, बल्कि लामाचौड़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।

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बेल बाबा मंदिर के सामने लामाचौड़ (भाखड़ा रेंज) में बनेगी नई इमारत

न्याय विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर हल्द्वानी-रुद्रपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-05) पर रामपुर रोड स्थित बेल बाबा मंदिर के सामने तराई पूर्वी वन प्रभाग के लामाचौड़ (भाखड़ा रेंज) क्षेत्र में बनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राज्य मंत्रिमंडल ने नैनीताल से उत्तराखंड हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। शुरुआती चरण में परिसर हेतु 26.08 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट की भविष्य की विस्तार योजनाओं और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए अधिक क्षेत्रफल की जरूरत महसूस की गई।

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73 हेक्टेयर में से 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा किए गए विस्तृत स्थलीय निरीक्षण और संबंधित विभागों की आख्या के आधार पर तराई पूर्वी वन प्रभाग की कुल 73 हेक्टेयर वन भूमि में से 40 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर हेतु हस्तांतरित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण का निर्णय लिया है।

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न्याय विभाग ने दूर किया गौलापार के नाम से फैला भ्रम

न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि हाल ही में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अनजाने में गौलापार का उल्लेख हो गया था, जिससे आम जनता और अधिवक्ताओं में भ्रम पैदा हो गया था। इसी संशय को खत्म करने के लिए यह संशोधित प्रेस रिलीज जारी की गई है।

सरकार का कहना है कि लामाचौड़ में बनने वाले नए परिसर को आधुनिक न्यायिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यहाँ पर्याप्त स्थान और अत्याधुनिक नागरिक व न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण संबंधी अगली कागजी औपचारिकताएं तेजी से आगे बढ़ाई जाएंगी।


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