Cricketer Rishabh Pant and Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Social Media Exchange on Land Purchaseउत्तराखंड के सबसे बड़े इंडिविजुअल टैक्सपेयर बने क्रिकेटर ऋषभ पंत और सीएम पुष्कर सिंह धामी।
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून/रुड़की (09 अगस्त 2026): भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹23.84 करोड़ का आयकर (Income Tax) जमा कर लगातार दूसरे वर्ष उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत (नॉन-कॉरपोरेट) करदाता बनकर उभरे हैं। हालांकि, अपनी मातृभूमि में भारी-भरकम वित्तीय योगदान देने वाले इस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को उत्तराखंड में अपना पहला घर बनाने के लिए जमीन खरीदने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। पंत ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाई है, जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

आयकर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड क्षेत्र में नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी में ऋषभ पंत चौथे स्थान पर हैं, लेकिन यदि केवल व्यक्तिगत (इंडिविजुअल) करदाताओं की बात करें तो वे पूरे प्रदेश में शीर्ष पर हैं। नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी में उनसे ऊपर सिग्नेचर फाइटोकेमिकल्स इंडस्ट्रीज (₹54 करोड़), कैलाश रिवर बेड मिनरल (₹40.74 करोड़) और उत्तरांचल ग्रामीण बैंक (₹28.95 करोड़) हैं। वहीं, कॉरपोरेट सेक्टर में सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओएनजीसी (ONGC) ₹13,564 करोड़ आयकर जमा कर राज्य में पहले स्थान पर बनी हुई है।

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 “3 साल से कोशिश जारी, मुफ्त नहीं सरकारी दरों पर चाहिए जमीन” — ऋषभ पंत

अपनी कर भुगतान क्षमता के बीच ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपना दर्द साझा किया। पंत ने अपनी पोस्ट में लिखा:

“नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का स्थानीय निवासी होने के नाते मुझे काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से अपना बेस शिफ्ट करके उत्तराखंड में जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं। लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई बड़ी और साफ जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपने उत्तराखंड से बहुत प्यार है। मेरी आपसे गुजारिश है कि कृपया जमीन अधिग्रहण में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल स्पष्टता न होने से यह एक नाइटमेयर बन गया है। तीन साल से कोशिश करने के बावजूद जमीन नहीं मिल पाई है।”

पंत ने आगे स्पष्ट करते हुए लिखा कि वे राज्य सरकार से किसी प्रकार का मुफ्त उपहार या मुफ्त जमीन नहीं मांग रहे हैं। यदि सरकार अनुमति दे, तो वे नियमानुसार सरकारी दरों पर ही पारदर्शी तरीके से जमीन खरीदना चाहते हैं ताकि वे अपनी मातृभूमि में अपना पहला घर बना सकें और पहाड़ी लोगों के बीच रहकर राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का त्वरित रिस्पॉन्स

क्रिकेटर ऋषभ पंत की इस पोस्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया और सोशल मीडिया पर ही जवाब देते हुए लिखा:

“प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।”

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रुड़की में पैतृक मकान और पिथौरागढ़ में पुश्तैनी गांव

ऋषभ पंत की इस पोस्ट के बाद हरिद्वार के रुड़की से लेकर पिथौरागढ़ जिले तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारों के अनुसार, ऋषभ पंत का जन्म रुड़की में ही हुआ है और वहां उनका करीब 2,500 वर्ग गज में बड़ा पैतृक मकान है, जहां उनकी माता जी रहती हैं। इसके अलावा, पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट विकास खंड अंतर्गत ‘पाली’ गांव में उनका पुश्तैनी घर है, जहां उनके दो चाचा (जगदीश चंद्र पंत व हेम पंत) रहते हैं और वहां भी नए मकान का निर्माण प्रस्तावित है।

ऐसे में प्रशासनिक गलियारों में यह मंथन चल रहा है कि पंत किस विशिष्ट क्षेत्र या प्रोजेक्ट के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी जल्द ही पंत से संपर्क कर भूमि रजिस्ट्री और अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया को सुगम बनाने में जुट गए हैं।


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