देवभूमि जन हुंकार, देहरादून (11 अगस्त 2026): देवभूमि उत्तराखंड में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी और जहरीली दवाओं की अवैध मैन्युफैक्चरिंग पर पूर्ण विराम लगाने के लिए राज्य पुलिस प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखंड ने अब प्रदेश के आम नागरिकों को भी इस अभियान का अहम हिस्सा बनाने के लिए आधिकारिक ‘नकद इनाम योजना’ (Cash Reward Scheme) लागू की है। इस योजना के अंतर्गत नशीले पदार्थों की जब्ती, अवैध भंडारण या गुप्त फैक्ट्रियों की सटीक सूचना देने वाले मुखबिरों को बरामद मादक पदार्थ की मात्रा व शुद्धता के आधार पर लाखों रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
सूचनादाता की पहचान रहेगी 100% गोपनीय
एसटीएफ की ओर से इस संबंध में प्रदेश के सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को दिशा-निर्देश पत्र जारी कर दिए गए हैं। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सूचना देने वाले किसी भी नागरिक का नाम, पता या पहचान उजागर नहीं की जाएगी। उनकी सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
मादक पदार्थों पर निर्धारित इनाम की आधिकारिक दरें
एसटीएफ द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार विभिन्न मादक पदार्थों की बरामदगी व अवैध फसलों को नष्ट कराने पर निम्नानुसार नकद इनाम राशि निर्धारित की गई है:
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कोकीन: ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम (अधिकतम)
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हेरोइन: ₹1.20 लाख प्रति किलोग्राम
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मॉर्फिन: ₹20,000 प्रति किलोग्राम
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एम्फेटामाइन: ₹20,000 प्रति किलोग्राम
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मेथाम्फेटामाइन: ₹20,000 प्रति किलोग्राम
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हशीश ऑयल: ₹10,000 प्रति किलोग्राम
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अफीम: ₹6,000 प्रति किलोग्राम
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हशीश: ₹2,000 प्रति किलोग्राम
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गांजा: ₹600 प्रति किलोग्राम
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अवैध अफीम की खेती नष्ट कराने पर: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर
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अवैध गांजे की फसल नष्ट कराने पर: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर
तीन स्तरीय कमेटियों के माध्यम से होगा इनाम का भुगतान
पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और मानक अनुरूप बनाया गया है:
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आईजी लॉ एंड ऑर्डर (IG Law & Order): पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को ₹30,000 तथा मुखबिर को ₹60,000 प्रति किलो तक का इनाम स्वीकृत कर सकते हैं।
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राज्य स्तरीय समिति (State Level Committee): पुलिस अधिकारी को ₹30,000 से ₹1 लाख तक तथा मुखबिर को ₹60,000 से ₹2 लाख तक का इनाम प्रदान करेगी।
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केंद्रीय रिवॉर्ड कमेटी (Central Reward Committee): अधिकारी का इनाम ₹1 लाख से अधिक और मुखबिर का इनाम ₹2 लाख से अधिक होने की स्थिति में केंद्रीय कमेटी द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।
नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन व हेल्पलाइन नंबर
एसटीएफ ने आम नागरिकों से अपील करते हुए सख्त सुरक्षा सलाह भी जारी की है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी नागरिक को अपने आसपास किसी संदिग्ध स्थान, नशीली दवाओं की बिक्री या अवैध फैक्ट्री की जानकारी मिलती है, तो वे स्वयं जांच करने, परिसर के अंदर जाने या संदिग्ध अपराधियों का सामना करने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसा करना जानलेवा या खतरनाक हो सकता है।
ऐसी स्थिति में तत्काल एसटीएफ के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 0135-2656202 अथवा मोबाइल नंबर 9412029536 पर सूचना दें।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार:
“नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार संबंधित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों व मुखबिरों को इनाम राशि मादक पदार्थ की फोरेंसिक प्रयोगशाला से मिलने वाली शुद्धता रिपोर्ट के आधार पर दी जाएगी। एसटीएफ लगातार नशे के नेटवर्क को ध्वस्त कर रही है। पिथौरागढ़ के अलावा सेलाकुई (देहरादून), रुड़की, भगवानपुर (हरिद्वार) और कोटद्वार में अवैध ड्रग फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया जा चुका है। इस नई ‘इनाम योजना’ से आम जनमानस की सीधी सहभागिता बढ़ेगी और देवभूमि को नशामुक्त बनाने के हमारे संकल्प को नई ताकत मिलेगी।”
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