
देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल/कालाढुंगी: नैनीताल जनपद के कालाढुंगी क्षेत्र में उत्तराखण्ड वन विकास निगम के एक दिवंगत कर्मचारी की अनुकंपा नियुक्ति और समस्त सेवा देयकों को लेकर दो पत्नियों के बीच गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक ही पद और पेंशन पर दो अलग-अलग महिलाओं द्वारा वैधानिक दावा पेश किए जाने के बाद मामला अब जिला अदालत की चौखट पर पहुंच चुका है। इस कानूनी विवाद के चलते मृतक कर्मचारी के पेंशन, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और अर्जित अवकाश (EL) सहित अन्य सभी वित्तीय परिलाभों का निस्तारण पूरी तरह अटक गया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, उत्तराखण्ड वन विकास निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत प्रेम राम की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रेम राम अपनी दूसरी पत्नी के साथ कालाढुंगी में रहकर नौकरी कर रहे थे, जिनसे उनके चार बच्चे हैं।
वहीं, पूर्व में हुए पारिवारिक विवाद के चलते उनकी पहली पत्नी अलग होकर हल्द्वानी में निवास कर रही थी, जिससे मृतक की एक बेटी है।
कर्मचारी के निधन के उपरांत कालाढुंगी में रह रही पत्नी ने आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के लिए वन निगम में अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराए। इसी दौरान हल्द्वानी में रह रही पहली पत्नी भी सामने आ गई और उसने मृतक की पहली वैध पत्नी होने का हवाला देते हुए पति की नौकरी और समस्त देयकों पर अपना प्राथमिक अधिकार जताते हुए विभाग में विधिवत दावा पेश कर दिया।
दो महिलाओं द्वारा एक ही कर्मचारी के सेवा लाभों पर परस्पर विरोधी दावे किए जाने से वन विकास निगम के अधिकारी भी भारी असमंजस में पड़ गए।
विवाद के समाधान के लिए प्रकरण को पहले परिवार न्यायालय (Family Court) ले जाया गया, लेकिन दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण वहां कोई समझौता नहीं हो सका। इसके उपरांत अब दोनों पक्षों ने नैनीताल जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जहां मामले की सुनवाई प्रक्रियाधीन है।
वन विकास निगम के अधिकारी मुदित आर्य ने आधिकारिक जानकारी देते हुए स्पष्ट किया:
“दिवंगत कर्मचारी प्रेम राम के सेवा लाभों और अनुकंपा नियुक्ति का मामला वर्तमान में माननीय न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। न्यायालय में वाद लंबित होने के कारण कर्मचारी के पेंशन, ईपीएफ, ईएल और अन्य देयकों के भुगतान पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अदालत का जो भी अंतिम आदेश पारित होगा, वन निगम उसी के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाएगा।”
- 👉 देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
- 👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
- 👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें




