
देवभूमि जन हुंकार, देहरादून / हल्द्वानी: उत्तराखंड के परिवहन महकमे से इस वक्त की बहुत बड़ी और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ रही है। हल्द्वानी स्थित आरटीओ (RTO) कार्यालय के भीतर गत दिनों हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना पर परिवहन विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त उत्तराखंड ने कार्यालय के भीतर असलहा लाकर पंजीयन अनुभाग के बाहर फायरिंग करने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री महेंद्र सिंह नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
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कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तराखंड (देहरादून) से जारी आधिकारिक निलंबन आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई संभाग्रीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हल्द्वानी द्वारा प्रेषित विस्तृत आख्या के आधार पर की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया था कि आरोपी अधिकारी श्री महेंद्र सिंह नेगी ने दिनांक 01-09-2026 को सक्षम अधिकारी की किसी भी प्रकार की अनुमति के बिना कार्यालय परिसर के अंदर अवैध रूप से शस्त्र (पिस्तौल/गन) प्रवेश कराया। इसके बाद, सांय करीब 3:40 बजे कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों और आम जनता के बीच, पंजीयन अनुभाग के ठीक बाहर शस्त्र से फायर किया गया। इस अचानक हुई फायरिंग से कार्यालय में उपस्थित कार्मिकों और आम जनमानस में भारी भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया था, जिससे शासकीय कामकाज भी गंभीर रूप से बाधित हुआ।
परिवहन आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आरोपी अधिकारी का यह आपराधिक और अनुशासनहीन कृत्य ‘उत्तराखंड कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002’ के नियम 3(1) एवं (2) में निहित प्रावधानों का सीधा-सीधा उल्लंघन है।
मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए, प्रथम दृष्टया अभकथन गंभीर पाए जाने पर ‘अनुशासन एवं अपील नियमावली’ के नियम 4(1) के आलोक में परिवहन आयुक्त श्री रविनाथ रमन ने श्री महेंद्र सिंह नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन की इस अवधि के दौरान आरोपी अधिकारी श्री महेंद्र सिंह नेगी को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, ऊधमसिंहनगर से संबद्ध कर दिया गया है।
साथ ही आदेश में यह भी निर्देशित किया गया है कि निलंबन काल के दौरान उन्हें वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 के मूल नियम-53 के प्रावधानों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता अर्धवेतन पर देय होगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और अन्य प्रतिकर भत्ते इस शर्त पर देय होंगे कि वे इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वे निलंबन काल में किसी अन्य सेवा, व्यापार, योजना या वृत्ति (व्यवसाय) में संलिप्त नहीं हैं।
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